मानकविहीन मिठाईयों की दुकाने गई सज,कार्यवाही के अभाव में सक्रिय मिलावटखोर
रिपोर्ट -विजय कुमार
विभाग मस्त,जनता त्रस्त सिर्फ खानापूर्ति करने का आरोप,तरह तरह की मिलावटी खान पान सामग्री विक्रेता सक्रिय
गोन्डा। जनपद के शहर से मात्र कुछ ही दूरी पर स्थित सालपुर बाजार सहित अन्य आसपास के बाजारों में मानकविहीन व मिलावटी मिठाईयों की दुकाने लगना खाद्य सुरक्षा विभाग के ऊपर उठा रहा सवालिया निशान।लोगों की मानें तो त्योहारों के मद्देनजर खान-पान की तमाम दुकानों में मानकविहीन तरीके से खाने के समान बाजरो में धड़ल्ले से विक रहे हैं तो वहीं दीवाली का सीजन होने से मिलावटी मिठाई की दुकाने भी सजने लगी है।जनपद मुख्यालय के आसपास छोटे छोटे बाजारों में जाने पर वहां के स्थानीय लोगों ने बताया की यहां कई दुकानें हैं जो आपने आप ही कैमिकल मिलाकर दूध को फाड़ते है और मिठाई,पनीर आदि सामग्री बनाते है यही नहीं साफ सफाई का भी ध्यान नहीं देते।जनपद के थाना कोतवाली देहात अन्तर्गत सालपुर बाजार में त्योहारों के अवसर पर बाहर के रहने वाले लोग टीन सेंड लगाकर यह सब काम धड़ल्ले से कर रहे हैं।वहीं के एक लोग नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया की कई बार खाद्य सुरक्षा विभाग के जिम्मेदारो को जानकारी दी गई परन्तु महज खानापूर्ति करने के साथ ही सांठगांठ करके चले जाते हैं। जबकि छोटे छोटे बाजारों से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग मानकविहीन और मिलावटी खाद्य सामग्रियों का उपभोग अनजाने में कर रहे हैं।वहीं स्थानीय चर्चा की मानें तो सबसे अधिक मिलावटी और मानकविहीन मिठाई तथा अन्य खाद्य सामग्रियों का गढ़ शहर क्षेत्र के अगल बगल के ग्रामीण क्षेत्रों से सटे छोटे छोटे बाजारों मे अपना जाल बिछा चुके हैं और मिलावटखोरों का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। सूत्रों की मानें तो गोन्डा जनपद के खाद्य सुरक्षा विभाग के जिम्मेदार रोज अपनी खानापूर्ति करते हैं लेकिन सच्चाई कुछ और ही है।अब देखना यह है कि शहर क्षेत्र के आसपास छोटे कई बाजार है जैसे-सालपुर बाजार, बग्गी रोड, बालपुर,खोरहंसा बाजार,बहलोलपुर बाजार सहित अन्य कई छोटे बाजार है।जानकारों की मानें तो शहर क्षेत्र मे भी मानकविहीन केमिकल युक्त खाद्य सामग्रियों की भी विक्री जोरों पर है। त्योहारों पर इसकी मात्रा बढ़ जाती है और लोगों के सेहत से खिलवाड़ किया जाता है।जबकि शहर क्षेत्र में बिकने वाले फास्ट फूड के ठेलों पर भी साफ-सफाई को दरकिनार कर और मानकविहीन तरीकों से बेचते देखा जा सकता है।इस तरह की खामियों को लेकर लोग खाद्य सुरक्षा अधिकारियों पर उंगली उठा रहे हैं।