पुलिस टीम ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 22 बीघा की बेशकीमती जमीन को हड़पने का प्रयास करने वाली अभियुक्ता को किया गिरफ्तार
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रिपोर्ट – राम चरित्र वर्मा
बलरामपुर।दिनांक 06.11.24 को आवेदक राजेन्द्र सिंह पुत्र स्व नरेश बहादुर निवासी रिसालपुर कोयलरा थाना कोतवाली देहात जनपद बलरामपुर द्वारा तहरीर दी गयी कि गिरजा सिंह पत्नी अर्जुन सिंह निवासी ग्राम जोगियाकला थाना ललिया जनपद बलरामपुर द्वारा आवेदक के चाचा मृतक इन्द्रजीत सिंह की समस्त चल अचल सम्पत्ति को हड़पने के आशय से कूट रचना कर फर्जी आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर में जन्मतिथि छिपाकर मृतक इन्द्रजीत सिंह की पत्नी बनकर सम्पत्ति नामांतरण हेतु न्यायालय में आवेदन करने के संबंध में प्राप्त हुआ । प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली देहात बलरामपुर में मु0अ0सं0 545/2024 धारा 419/420 /467/468/471 भादवि0 बनाम गिरजा सिंह पत्नी अर्जुन सिंह निवासी ग्राम जोगियाकला थाना ललिया जनपद बलरामपुर पंजीकृत किया गया।पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार द्वारा थाना कोतवाली देहात क्षेत्रांतर्गत हुई कूटरचित दस्तावेज तैयार कर मृत व्यक्ति की पत्नी बनकर सम्पत्ति हड़पने की घटना के अनावरण व अभियुक्ता की गिरफ्तारी हेतु दिये गये निर्देश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय व क्षेत्राधिकारी नगर श्रीमती ज्योति श्री के निकट पर्यवेक्षण में तथा प्रभारी निरीक्षक बृजानन्द सिंह थाना कोतवाली देहात बलरामपुर के कुशल नेतृत्व में अभियुक्ता गिरजा सिंह पत्नी अर्जुन सिंह निवासी ग्राम जोगियाकला थाना ललिया जनपद बलरामपुर को संबंधित मु0अ0सं0 545/2024 धारा 419/420/467/468/471 भादवि0 थाना को0देहात बलरामपुर को गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही कर न्यायालय रवाना किया जा रहा है।अभियुक्ता द्वारा बताया गया कि मैंने इंद्रजीत सिंह की सम्पत्ति लेने की मंशा से उनकी पत्नी होने के जो जो कागजात चाहिए थे वह कागजात मैने फर्जी तरीके से चोरी छिपे बनवा लिया था और इंद्रजीत सिंह की 22 बीघा जमीन जो ग्राम कोयलरा में निर्माणाधीन विश्वविद्यालय के पास है जिसकी कीमत इस समय करोड़ों में है इस जमीन को अपने नाम कराकर अच्छे दामों पर बेचना चाहते थे जिसके लिए मैने अपना फर्जी आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर में इंद्राज जन्मतिथि को बदलवाकर मैने जमीन अपने नाम कराने के नियत से न्यायालय में आवेदन भी कर दिया था जिससे जमीन मेरे नाम हो जाये और उसे अच्छे दामों में किसी को बेंच दें । लेकिन यह बात उनके घरवालों को पता लग गयी और उन्होने मेरे खिलाफ मुकदमा लिखवा दिया ।