नगर पंचायत कटरा में भ्रष्टाचार और अनियमितता,डीएम और कमिश्नर से शिकायत
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रिपोर्ट -ब्यूरो गोण्डा
गोंडा। जिले की नगर पंचायत कटरा बाजार के सभासदों ने जिलाधिकारी और मंडलायुक्त देवीपाटन मंडल गोंडा को विभिन्न बिंदुओं पर शिकायत पत्र देकर नगर पंचायत अध्यक्ष समा परवीन और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार,वित्तीय अनियमितताओं और तानाशाही का गंभीर आरोप लगाया है। सभासदों ने उच्च स्तरीय जांच और अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की है।आला अधिकारियों को दिये गये पत्र में पत्र में सभासदों प्रतिनिधियों ने विभिन्न बिंदुओं पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि नगर पंचायत के मुख्य गेट पर “सलाहकार” लिखा गया है, जो नियमों के खिलाफ है। उन्होंने इसकी जांच और तत्काल हटाने की मांग की है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य वित्त आयोग की धनराशि से 45 कार्यों के लिए टेंडर पत्रांक संख्या-547 जारी किया गया था, लेकिन 90% कार्य पूरे नहीं हुए। सभासदों का दावा है कि या तो धन निकाल लिया गया है या कार्य शुरू ही नहीं हुआ। ठेकेदार कंपनी को 30 दिन का समय दिया गया था, लेकिन दो वर्ष बाद भी कोई कार्य नहीं हुआ है। कंपनी की सिक्योरिटी जब्त न करने और ब्लैक लिस्ट न करने पर सवाल उठाए गए हैं। सभासदों ने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पिछले 15 वर्षों में केवल दो नाले बनाए गए, जिनमें से एक हनुमानगढ़ी मंदिर और दूसरा सम्मयथान मंदिर के पास है। इन नालों का निर्माण धार्मिक स्थलों को गंदा करने वाला बताया गया है। अध्यक्ष के घर के 5-6 लोग बिना कार्य किए वेतन ले रहे हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। अध्यक्ष के ड्राइवर के नाम पर “के.के.कंस्ट्रक्शन” नामक फर्म बनाकर 10 लाख से कम के कार्य दिखाकर ऑफलाइन भुगतान किया जाता है। यह बिना कार्य किए धन निकासी का तरीका बताया गया है। सभासदों ने अपने अधिकारों और कर्तव्यों के हनन का आरोप लगाया है,जिसे गंभीर विषय बताया गया है। पत्र में सभासदों ने मांग की है कि इन आरोपों की गहन जांच हो और दोषी पाए जाने पर अध्यक्ष समा परवीन को पद से हटाया जाए। पत्र पर अमरमणि त्रिपाठी प्रतिनिधि उग्रसेन तिवारी, इनायत अली, रविन्द्र कुमार, साजिद अली, नेहा देवी प्रतिनिधि दद्दन तिवारी, कुसुम देवी प्रतिनिधि विजय कुमार शुक्ला, ओम प्रकाश और सरोज जायसवाल प्रतिनिधि राजकुमार जायसवाल सहित नौ लोगों के हस्ताक्षर हैं। सभासदों का यह कदम नगर पंचायत कटरा में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को दर्शाता है। अब देखना यह है जिलाधिकारी इस मामले को संज्ञान में लेकर क्या कार्रवाई करती हैं।