प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के मेसर्स बाबा ताजुद्दीन आसवी बुटीक पर की छापेमारी
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रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
उतरौला (बलरामपुर)प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के कथित धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़े मेसर्स बाबा ताजुद्दीन आसवी बुटीक पर 17 जुलाई 2025 को बड़ी छापेमारी की। यह बुटीक उतरौला के सुभाष नगर मोहल्ले में पुष्पांजलि स्वीट्स के सामने स्थित है। सुबह 5:00 बजे शुरू हुई कार्रवाई शाम 5:30 बजे तक चली, जिसमें ईडी अधिकारियों के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों की तैनाती रही।छापेमारी के दौरान परिसर बंद मिला, और उसके स्वामी अथवा सहायक की अनुपस्थिति के चलते शटर को तोड़कर ईडी की टीम अंदर दाखिल हुई। परिसर की पूरी तलाशी पंचों की मौजूदगी में ली गई और नीचे से ऊपर तक सभी मंजिलों में कपड़े, जूते और व्यापारिक सामग्री बिखरी पड़ी मिली।तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेजों में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। जब्ती की सूची (ANNEXURE-A) में 25 बिंदुओं में विभिन्न दस्तावेज दर्ज हैं, जिनमें से प्रमुख रूप से धर्मांतरण प्रमाण पत्र नवीन घनश्याम रोहरा उर्फ जमालुद्दीन और नीतू नवीन रोहरा के इस्लाम धर्म स्वीकारने संबंधी घोषणाएं और शपथपत्र।पैसे के लेन-देन से जुड़े कागजात, 106 करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी फंडिंग के दस्तावेज, यूएई के RAK Investment Authority, Habib Bank AG Zurich, और SBI सहित कई बैंक खातों की जानकारी है।
*विदेशी कंपनियों से जुड़ा जाल*
M/s LOGOS MARINE, S.A. (पनामा), M/s Krishna International FZE, M/s United Marine FZE ,
M/s Asvi Enterprises – इन कंपनियों में छांगुर बाबा और उनके सहयोगियों की संदिग्ध भूमिका।
*भूमि सौदों की फाइलें*
मुंबई के “Runwal Greens” प्रोजेक्ट से जुड़े ड्राफ्ट सेल डीड और पावर ऑफ अटॉर्नी। बुटीक का ट्रांसफर दस्तावेज: नीतू रोहरा द्वारा छांगुर बाबा को बुटीक सौंपने का शपथपत्र।
जब्ती सूची में कुल 25 अलग-अलग बिंदुओं में दस्तावेज हैं, जो 40 से अधिक पेजों पर फैले हैं।
दस्तावेजों में कंपनी रजिस्ट्रेशन, पावर ऑफ अटॉर्नी, बैंक स्टेटमेंट, जमीन की खरीद, विदेशी निवेश की रसीदें शामिल हैं।बुटीक परिसर को तीन मंजिला बताया गया है और पंचों ने तलाशी व सीलिंग की प्रक्रिया पर दस्तखत किए।कार्यवाही का नेतृत्व सहायक निदेशक (पीएमएलए) सुधांशु सिंह ने किया। उनके साथ तरुण कुमार यादव (प्रवर्तन अधिकारी), शंभू कुमार (यूडीसी) और सीआरपीएफ 91 बटालियन लखनऊ के तीन जवान मौजूद थे।ईडी की छापेमारी ने ‘छांगुर बाबा’ के व्यापारिक और धार्मिक गतिविधियों के पीछे बड़े स्तर की मनी लॉन्ड्रिंग, धर्मांतरण का संगठित गिरोह, और विदेशी स्रोतों से वित्त पोषण के मजबूत संकेत दिए हैं। बरामद दस्तावेजों की जांच से संभवतः और कई सफेदपोश चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।