धर्मांतरण के सरगना छांगुरपीर अवैध संपतियों के आरोपों से घिरे
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रिपोर्ट -ब्यूरो बलरामपुर
पुलिस, एटीएस, आयकर विभाग जांच में सक्रिय
उतरौला (बलरामपुर)धर्मांतरण, हवाला और अवैध संपत्तियों के आरोपों से घिरे छांगुर बाबा उर्फ पीर बाबा उर्फ जमालुद्दीन के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की तैयारी सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, अब छांगुर बाबा द्वारा जमीन खरीद-फरोख्त में की गई संदिग्ध लेन-देन की गहराई से जांच शुरू होने वाली है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, छांगुर बाबा ने जिन-जिन लोगों से जमीनें खरीदीं, उन्हें वास्तविक बाजार मूल्य से कहीं अधिक रकम नकद अथवा अन्य माध्यमों से भुगतान किया गया। यह अतिरिक्त धन कहां से आया और किस स्रोत से वितरित किया गया इसकी तह में जाने के लिए अब आयकर विभाग सक्रिय हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, इनकम टैक्स विभाग उन सभी विक्रेताओं की सूची तैयार कर चुका है, जिन्होंने छांगुर बाबा को जमीन बेची है। अब जल्द ही इन लोगों के दरवाजे पर आयकर विभाग की नोटिस या पूछताछ की कार्रवाई शुरू हो सकती है। माना जा रहा है कि इस जांच के जरिए छांगुर बाबा के काले धन, हवाला नेटवर्क और अवैध संपत्ति की सच्चाई सामने आ सकती है।इस पूरे मामले में यह भी आशंका जताई जा रही है कि जमीनों के सौदों के जरिए कई गुना अधिक कीमत देकर धन को सफेद में बदला गया, जो सीधे तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आता है। ऐसे में यह जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) तक भी पहुंच सकती है।अगर जांच में तय कीमत से अधिक धनराशि देकर जमीन की खरीद। नकद लेन-देन और उसकी रसीदों की अनुपस्थिति। विक्रेताओं के पास घोषित आय से अधिक संपत्ति की प्राप्ति।मनी लॉन्ड्रिंग व हवाला लेन-देन की संभावना।तथ्यों की पुष्टि होती है, तो यह धर्मांतरण रैकेट से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला साबित हो सकता है, जिसकी जड़ें राजनीतिक, धार्मिक और आर्थिक नेटवर्क से जुड़ी हो सकती हैं।जनता में चिंता और बेचैनी का माहौल है। इस मामले में पुलिस, ATS, आयकर विभाग और अन्य एजेंसियां पहले से ही सक्रिय हैं, और अब यह आर्थिक अनियमितताओं की ओर भी तेजी से बढ़ रहा है।