स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कौड़िया में निकली एबीवीपी की युवा चेतना यात्रा
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रिपोर्ट -ब्यूरो गोण्डा
आजादी के अमृत महोत्सव में गूंजे भारत माता के जयघोष
गोंडा। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा कस्बा कौड़िया में युवा चेतना यात्रा का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं व युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस यात्रा का उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों, समस्याओं और जनहित के मुद्दों को लेकर समाज में जागरूकता फैलाना था। यात्रा में विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण, नारी सुरक्षा, साइबर अपराध, समरस समाज, स्वावलंबी युवा और नशा मुक्त भारत जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनजागरूकता का संदेश दिया गया। यात्रा के दौरान युवाओं ने भारत माता की जय, वंदे मातरम्, जय हिंद जैसे नारों से पूरा नगर देशभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया। हर हाथ में तिरंगा और हर चेहरे पर राष्ट्रप्रेम की झलक आजादी के इस अमृत महोत्सव की गरिमा को और अधिक ऊँचा कर रही थी। यह यात्रा न केवल एबीवीपी की संगठनात्मक शक्ति का प्रतीक बनी, बल्कि यह स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए महान वीरों के बलिदान को याद कर उनके सपनों का भारत गढ़ने की प्रेरणा भी बनी। एबीवीपी के प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय कार्य सह संयोजक प्रज्ज्वल मिश्रा इस यात्रा में प्रवासी के रूप में उपस्थित रहे। एबीवीपी के पूर्व जिला संयोजक कुलदीप तिवारी ने बताया कि यह यात्रा ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यमान सामाजिक समस्याओं को उजागर कर उन्हें समाप्त करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर युवाओं द्वारा समाजहित में निकाली गई यह यात्रा देश के प्रति समर्पण और कर्तव्यबोध का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज का युवा ही कल का नेतृत्व करेगा और यदि आज वह राष्ट्र के प्रति जागरूक है तो आने वाला कल निश्चित ही उज्ज्वल होगा। यात्रा में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि शिव भगवान शुक्ल, जिला संगठन मंत्री हरिओम शर्मा, जिला संयोजक मनीष कनौजिया, सह संयोजक सूरज चतुर्वेदी, अमरेश प्रजापति, नगर के पूर्व इकाई मंत्री अभिषेक, सत्यम, अजय पांडे, प्रधान प्रज्वल मिश्रा, अमर चंद्र, विवेक, अजय, रवि, बैजनाथ, मनीष, आदित्य, सचिन जायसवाल, प्रेम, शशिभूषण, रजनीकांत तिवारी, विजय, सिपाही लाल मिश्रा, किशन सेठ और सुधाकर सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता एवं युवा उपस्थित रहे। इस यात्रा के माध्यम से युवाओं ने यह स्पष्ट किया कि देश की स्वतंत्रता को केवल स्मरण नहीं बल्कि संरक्षण की भी आवश्यकता है और इसके लिए हर युवा को आगे आना होगा। आजादी के इस पावन पर्व पर एबीवीपी की यह पहल नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करने वाली साबित हुई, जिसने यह संदेश दिया कि स्वतंत्रता केवल एक दिवस नहीं बल्कि जीवन भर निभाने वाला उत्तरदायित्व है।