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नहर में अचानक छोड़ा गया पानी, किसानों की मेहनत डूबी

रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर

सैकड़ों बीघा सरसों, गेहूं व मटर की फसल जलमग्न, सिंचाई विभाग पर लापरवाही के आरोप

सादुल्लानगर/बलरामपुर। विकास खंड रेहराबाजार के ग्राम विशुनपुर खरहना में सिंचाई विभाग की गंभीर लापरवाही ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सरयू नहर खंड-2 के अंतर्गत आने वाली इटवा-रजवाहा नहर के माइनर में बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक पानी छोड़ दिए जाने से हनुमान पुरवा क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई।खेतों में खड़ी सरसों, गेहूं और मटर की तैयार फसलें पानी में डूब गईं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों के अनुसार, मंगलवार देर रात अचानक माइनर में पानी का बहाव तेज हुआ। जब तक किसान कुछ समझ पाते, तब तक पानी खेतों में घुस चुका था। कुछ ही घंटों में पूरा इलाका झील में तब्दील हो गया।
किसानों का कहना है कि इस समय फसलों को सिंचाई की आवश्यकता नहीं थी। नहर विभाग द्वारा बिना सूचना पानी छोड़े जाने से खेतों में जलभराव हो गया और अब फसलें सड़ने की कगार पर हैं।फूटा किसानों का गुस्सा
फसल बर्बाद होने से आक्रोशित किसान हरिशंकर वर्मा, वीरेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार, लल्लन वर्मा और रंगीलाल पाल सहित दर्जनों किसानों ने विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि खाद, बीज और डीजल की बढ़ती कीमतों ने पहले ही उनकी कमर तोड़ रखी है, ऊपर से विभागीय लापरवाही ने हालात और बदतर कर दिए।पीड़ित किसानों राधेश्याम, राम तेज वर्मा, राम निहाल, विंदेश्वरी प्रसाद, दिनेश कुमार, उमेश कुमार, गणेश और प्रवेश ने बताया कि जलभराव के कारण पूरी फसल चौपट हो गई है और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।मुआवजे और जांच की मांग पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि तत्काल मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कराया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

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