जिलाधिकारी की नई पहल से जन्म–मृत्यु प्रमाणपत्र प्रक्रिया हुई बेहद सरल
रिपोर्ट – राम चरित्र वर्मा
सुशासन की दिशा में बड़ा कदम: जन्म–मृत्यु प्रमाणपत्र प्रक्रिया अब सरल, पारदर्शी और समयबद्ध
बलरामपुर।आम नागरिकों को राहत प्रदान करने तथा नागरिक सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में जिलाधिकारी/जिला रजिस्ट्रार जन्म–मृत्यु विपिन कुमार जैन द्वारा एक महत्वपूर्ण एवं अभिनव पहल की गई है।इस पहल के अंतर्गत जन्म–मृत्यु प्रमाणपत्र निर्गमन की प्रक्रिया को सरल किया गया है, जिससे अब आवेदकों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पूर्व व्यवस्था में जन्म–मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु आवेदक को ग्राम पंचायत सचिव, खंड विकास अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी (एसडीएम) स्तर पर अलग–अलग जाना पड़ता था, जिससे समय की हानि एवं अनावश्यक असुविधा होती थी।जिलाधिकारी द्वारा किए गए इस सुधार के तहत अब आवेदन के उपरांत जन्म–मृत्यु प्रमाणपत्र से संबंधित समस्त कार्यवाही रजिस्ट्रार/अधिशासी अधिकारी/सचिव स्तर से ही पूर्ण की जाएगी। सभी प्रकरण एक साथ संबंधित एसडीएम को प्रेषित किए जाएंगे, जिसके उपरांत एसडीएम द्वारा RCCMS पोर्टल के माध्यम से सभी प्रकरण का प्रमाणपत्र निर्गत किया जाएगा।जन्म–मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (संशोधित–2023) के अंतर्गत 01 से 31 दिवस, 31 दिवस से 01 वर्ष तथा 01 वर्ष से अधिक अवधि के सभी प्रकरणों में निर्धारित नियमों के अनुसार स्पष्ट, सरल एवं समयसीमा–बद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है। प्रमाणपत्र निर्गमन को अधिक पारदर्शी बनाने हेतु पूरी प्रक्रिया को RCCMS पोर्टल के माध्यम से डिजिटल किया गया है।
इस नवीन व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी द्वारा जनपद के समस्त ग्राम पंचायत सचिवों के साथ ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें जन्म–मृत्यु पंजीकरण एवं प्रमाणपत्र निर्गमन की प्रक्रिया को विस्तारपूर्वक समझाया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी आवेदक को अनावश्यक रूप से अन्य कार्यालयों में न भेजा जाए तथा सभी आवेदन समयबद्ध रूप से निस्तारित किए जाएं।जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि सभी सचिव एवं संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी स्तर पर आवेदकों को असुविधा या अनावश्यक विलंब न हो।यह पहल सुशासन, डिजिटल प्रशासन एवं जनसुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे जन्म–मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अब अधिक सरल, सुगम और नागरिक–हितैषी बन गई है।