रेहरा बाजार में यूरिया खाद की कालाबाजारी का बड़ा खेल उजागर
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
दिन में भटकते किसान, रात में पिकअप से उड़ रहा सरकारी यूरिया
बलरामपुर। रेहरा बाजार ब्लॉक क्षेत्र में सरकारी यूरिया खाद की कालाबाजारी का बड़ा खेल सामने आया है। एक ओर जहां किसान दिनभर सहकारी समितियों और खाद बिक्री केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर रात के अंधेरे में पिकअप वाहनों के जरिए यूरिया खाद को ठिकाने लगाया जा रहा है।सूत्रों के अनुसार ब्लॉक रेहरा बाजार से सरकारी यूरिया रातों-रात गायब हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि खाद को पिकअप पर लादकर कालाबाजारी के लिए दूसरे जिलों अथवा निजी गोदामों तक पहुंचाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि किसानों को दिन में “स्टॉक खत्म” होने का हवाला दिया जाता है, जबकि रात में वही खाद खुलेआम ढोई जा रही है।इस पूरे खेल में किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक तो खाद की भारी किल्लत, दूसरे मजबूरी में निजी दुकानों से ओवररेटिंग पर यूरिया खरीदना। किसान वर्ग सवाल उठा रहा है कि जब सरकारी गोदामों से यूरिया गायब हो रहा है, तो बिना किसी अंदरूनी मिलीभगत के यह कैसे संभव है?स्थानीय किसानों का आरोप है कि रेहरा बाजार क्षेत्र अब यूरिया खाद तस्करी का अड्डा बनता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। शिकायतों के बावजूद न तो रात में चेकिंग होती है और न ही पिकअप वाहनों पर कोई कार्रवाई।अब बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन कब जागेगा और किसानों के शोषण पर कब रोक लगेगी? यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। जब इस सम्बन्ध में कृषि अधिकारी से दूरभाष पर जानने की कोशिश किया गया तो उनका मोबाइल नंबर कवरेज क्षेत्र से बाहर बताया।