निःशुल्क चिकित्सा शिविर का किया गया आयोजन
रिपोर्ट – पवन गुप्ता
सादुल्लानगर/बलरामपुर।विकासखंड रेहरा बाजार के ग्रामसभा मीरपुर में शुक्रवार को इंडियन प्रोग्रेसिव यूथ फोरम ट्रस्ट की ओर से एक दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा एवं मानसिक स्वास्थ्य जांच शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित 350 से अधिक ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
शिविर में रक्तचाप,मधुमेह, थायरॉयड,जोड़ों की समस्याएं, दमा आदि सामान्य रोगों की जांच के साथ चिकित्सीय परामर्श दिया गया। नेत्र जांच के दौरान मोतियाबिंद, काला मोतिया (ग्लूकोमा) एवं अन्य दृष्टि दोषों की स्क्रीनिंग की गई। महिला एवं बाल स्वास्थ्य परामर्श के साथ मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग,मनोवैज्ञानिक आकलन तथा दिव्यांगजन अधिकारों से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।लखनऊ से आईं फिजिशियन डॉ.सुफिया काज़मी ने सामान्य रोगों की जांच व उपचार किया। वहीं हौसला अर्ली इंटरवेंशन सेंटर की टीम—क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट तबस्सुम खान तथा साइकोलॉजिस्ट वर्धा शहनवाज़ व अबुतूरब रिज़वी—ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में परामर्श व मार्गदर्शन दिया। एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ के सहायक प्रोफेसर (विशेष शिक्षा) चंद्र प्रकाश सिंह ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की जांच कर प्रारंभिक हस्तक्षेप पर अभिभावकों को आवश्यक सलाह दी।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख पंकज सिंह चौहान ने कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने का प्रभावी माध्यम हैं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय भान के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सादुल्लानगर की टीम ने सक्रिय सहयोग किया। एडीओ पंचायत इरफानुल्लाह खान और थाना प्रभारी सतेंद्र वर्मा ने भी आयोजन की सराहना की।इंडियन मेंटल हेल्थ एंड रिसर्च सेंटर (IMHRC) के निदेशक डॉ. साजिद काज़मी ने बताया कि शारीरिक व मानसिक समस्याओं के शुरुआती संकेतों की समय पर पहचान बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत में लगभग हर सातवां व्यक्ति किसी न किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या से प्रभावित है। डॉ. सुफिया काज़मी ने बताया कि शिविर में आई अधिकांश महिलाओं में पोषण की कमी और एनीमिया की समस्या पाई गई, जिस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।ग्राम प्रधान मीरपुर एवं शिविर समन्वयक आरज़ू काज़मी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। आयोजकों ने बताया कि आगे भी ग्रामीण व वंचित समुदायों के लिए इस तरह के निःशुल्क शिविर निरंतर आयोजित किए जाएंगे।