धनघटा ग्राम पंचायत में 3 करोड़ से अधिक के भ्रष्टाचार के आरोप, पूर्व पंचायत सचिव नित्यानंद सिंह और आलोक मिश्रा पर गंभीर आरोप, ग्रामीणों में काफी आक्रोश
रिपोर्ट – जितेन्द्र कुमार पटेल
बलरामपुर। विकासखंड हरैया सतघरवा अंतर्गत ग्राम पंचायत धनघटा में करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने पूर्व पंचायत सचिव नित्यानंद सिंह तथा प्रधान प्रतिनिधि एवं रोजगार सेवक आलोक मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च दिखाई गई, जबकि धरातल पर कार्य नजर नहीं आ रहे हैं।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। आरोप है कि कई कार्यों को बार-बार दर्शाकर भुगतान कराया गया और कई योजनाओं में बिना काम कराए ही धन निकाला गया। मामले की शिकायत ब्लॉक स्तर से लेकर जिला प्रशासन तथा प्रदेश स्तर तक की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि जब नित्यानंद सिंह पंचायत सचिव के पद पर तैनात थे, उस दौरान सबसे अधिक वित्तीय अनियमितताएं हुईं। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की स्थिति संतोषजनक नहीं है, जबकि अभिलेखों में करोड़ों रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पंचायत में पारदर्शिता की कमी रही और योजनाओं की मॉनिटरिंग भी सही ढंग से नहीं हुई।
गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से हुई तो बड़े स्तर पर गड़बड़ियों का खुलासा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी धन जनता के विकास के लिए होता है, इसलिए दुरुपयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।इस प्रकरण को लेकर ग्राम पंचायत धनघटा क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन कार्रवाई में देरी से जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है। अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।मामले पर जानकारी देते हुए रोजगार सेवक अलोक मिश्रा का कहना है कि सभी आरोप गलत है, जो आरोप लग रहा उसको आरोप लगाने वाले सिद्ध करें।