नहर किनारे रोता मिला नवजात, पुलिस बनी जीवनदाता
रिपोर्ट – जितेन्द्र पटेल
समय रहते पहुंची पुलिस, मासूम को दिलाई नई जिंदगी
बलरामपुर। जनपद के पचपेड़वा थाना क्षेत्र में मंगलवार को इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। सरयू नहर किनारे एक नवजात शिशु लावारिस हालत में रोता हुआ मिला। ठंडी हवा के बीच उसकी मासूम चीखें सुनकर राहगीरों के कदम रुक गए और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। यही सूचना उस नन्ही जान के लिए उम्मीद की किरण बन गई।जानकारी के अनुसार मोतीपुर हड़हवा गांव के पास नहर किनारे लोगों ने देखा कि एक नवजात बालक ठंड से कांपते हुए लगातार रो रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश चौहान अपनी टीम और मिशन शक्ति टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे।
पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए उस मासूम को सुरक्षित अपनी गोद में उठाया। कुछ देर पहले तक ठंड और अकेलेपन से जूझ रहा वह नवजात अब सुरक्षित हाथों में था। मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। इसके बाद पुलिस टीम ने बच्चे को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पचपेड़वा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका परीक्षण किया। राहत की बात यह रही कि शिशु की हालत सामान्य पाई गई।
आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने नवजात को चाइल्ड लाइन बलरामपुर को सौंप दिया। फिलहाल उस मासूम को जिला अस्पताल बलरामपुर के एसएनसीयू वार्ड में डॉक्टरों और चाइल्ड लाइन टीम की निगरानी में रखा गया है, जहां उसकी पूरी देखभाल की जा रही है।एक तरफ किसी ने इस मासूम को नहर किनारे छोड़ दिया, वहीं दूसरी तरफ पुलिस और मिशन शक्ति टीम उसके लिए फरिश्ता बनकर सामने आई। समय रहते मिली मदद ने उस नन्ही जान को नई जिंदगी दे दी। घटना के बाद पूरे इलाके में पुलिस की संवेदनशीलता और मानवता की सराहना हो रही है।