देवीपाटन मंदिर में मुख्यमंत्री योगी ने की पूजा-अर्चना, गौशाला में गायों को खिलाया चारा-गुड़,अधिकारियों को भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के निर्देश
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय बलरामपुर दौरे के दूसरे दिन गुरुवार सुबह देवी पाटन मंदिर पहुंचकर मां पाटेश्वरी की विधिवत पूजा-अर्चना की। करीब आधे घंटे तक मंदिर के गर्भगृह में रहकर उन्होंने माता का दर्शन-पूजन किया। इसके बाद मंदिर परिसर में स्थित गौशाला में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने गायों को हरा चारा, गुड़ और रोटी खिलाई। इस दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन जनपद में चल रहे बड़े निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के साथ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चुके थे। उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले की कानून व्यवस्था को मजबूत रखने और भ्रष्टाचार के मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री सबसे पहले मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने निर्माणाधीन विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया और अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों को तय समयसीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य की गति तेज की जाए ताकि आगामी मई माह तक विश्वविद्यालय का निर्माण पूरा कर यहां शैक्षणिक सत्र शुरू किया जा सके।इसके बाद मुख्यमंत्री अटल बिहारी बाजपेई ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज बलरामपुर पहुंचे। यहां उन्होंने मेडिकल कॉलेज में चल रही व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जल्द से जल्द यहां डॉक्टरों और अन्य आवश्यक स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि मेडिकल कॉलेज पूरी तरह संचालित हो सके और क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मेडिकल कॉलेज से जुड़े जो भी निर्माण कार्य अभी अधूरे हैं, उन्हें शीघ्र पूरा कराया जाए। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल और आवासीय ब्लॉक के लिए अभी तक जमीन का चयन नहीं हो सका है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जल्द समाधान निकालने और निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
दौरे के दूसरे दिन सुबह मुख्यमंत्री ने देवीपाटन शक्तिपीठ में दर्शन-पूजन किया। यह मंदिर गोरक्षनाथ पीठ से जुड़ा हुआ है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं भी गोरक्षनाथ पीठ के पीठाधीश्वर हैं। यही कारण है कि जब भी वह बलरामपुर आते हैं तो देवीपाटन शक्तिपीठ में दर्शन करना और यहीं रात्रि विश्राम करना उनकी परंपरा का हिस्सा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा भी की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या धर्मांतरण जैसी घटनाओं पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने उतरौला क्षेत्र में सामने आए धर्मांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर का जिक्र करते हुए कहा कि बहन-बेटियों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे लोगों पर प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो सकें।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि बलरामपुर भारत-नेपाल सीमा से सटा हुआ जिला है, इसलिए यहां सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले में अचानक से नवधनाढ्य बने लोगों की सूची तैयार कर उनकी आय के स्रोत की जांच की जाए। मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद जिले में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
अपने दो दिवसीय बलरामपुर दौरे के समापन के बाद मुख्यमंत्री Ayodhya के लिए रवाना होंगे, जहां वह विकास कार्यों का निरीक्षण करने के साथ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे।