एलपीजी आपूर्ति पर डीएम की सख्ती, कालाबाजारी करने वाले गैस वितरकों पर होगी कड़ी कार्रवाई
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
बलरामपुर।जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने कलेक्ट्रेट सभागार में तेल कंपनियों के अधिकारियों, गैस एजेंसी संचालकों और पुलिस प्रशासन के साथ बैठक कर जनपद में रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, कालाबाजारी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में प्रतिदिन लगभग 14,500 एलपीजी सिलेंडरों की मांग है और तेल कंपनियों द्वारा उतनी ही आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल पर ही दूसरी रिफिल बुकिंग कराई जा सकेगी। इसके साथ ही उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को सख्त निर्देश दिए कि बिना अग्रिम बुकिंग के किसी भी उपभोक्ता को सिलेंडर न दिया जाए और गैस वितरण केवल बुकिंग के क्रम (सीनियॉरिटी वाइज) के आधार पर किया जाए।
डीएम ने गैस एजेंसियों द्वारा संभावित कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए पुलिस विभाग को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई वितरक अनियमितता या कालाबाजारी में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने उन शिकायतों पर भी नाराजगी जताई, जिनमें उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिले बिना ही “डिलीवरी सफल” का मैसेज भेज दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी धोखाधड़ी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि यदि किसी एजेंसी के पास गैस का स्टॉक समाप्त हो जाए तो इसकी जानकारी नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। साथ ही एजेंसी संचालक कार्यालय बंद कर गायब न हों, बल्कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करें।
जिलाधिकारी ने तेल कंपनियों के एलपीजी सेल्स ऑफिसर्स को भी प्रतिदिन बुकिंग, बैकलॉग और गैस ट्रकों की आवाजाही की निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि जनपद में गैस आपूर्ति सुचारू रूप से बनी रहे।