नेपाल सीमा से सटे थारू गांवों में बेहतर कनेक्टिविटी की पहल, डीएम ने किया निरीक्षण
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
थारू विकास परियोजना की समीक्षा, अभ्युदय कोचिंग में अधिक छात्रों के पंजीकरण के निर्देश
सीमावर्ती थारू क्षेत्रों में विकास कार्य तेज, डीएम ने संपर्क मार्ग का किया शिलान्यास
बलरामपुर। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन द्वारा विकास खंड पचपेड़वा के नेपाल सीमा से सटे थारू जनजाति क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया।इस दौरान जिलाधिकारी ने थारू विकास परियोजना के अंतर्गत संचालित योजनाओं का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने थारू विकास परियोजना कार्यालय में संचालित विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती थारू जनजाति क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए शासन द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।अभ्युदय कोचिंग में अधिक से अधिक छात्रों के पंजीकरण के निर्देश-जिलाधिकारी ने अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था का भी अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र के अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं का पंजीकरण कर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि सीमावर्ती जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं को बेहतर अवसर मिल सके और वे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें।सेमरहना ग्राम में नए संपर्क मार्ग का शिलान्यास-निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा थारू जनजाति ग्राम सेमरहना में नए संपर्क मार्ग का शिलान्यास भी किया गया। इस मार्ग के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच और बेहतर हो सकेगी।सीमावर्ती ग्रामों में बेहतर कनेक्टिविटी पर विशेष जोर-जिलाधिकारी ने कहा कि नेपाल सीमा से सटे थारू जनजाति ग्रामों में बेहतर सड़क और संपर्क मार्ग उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी क्रम में प्रशासन द्वारा विभिन्न ग्रामों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए कार्य कराया जा रहा है।उन्होंने बताया कि नए संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए वन अधिकार अधिनियम (FRA Act) के तहत आवश्यक एनओसी प्राप्त की जा रही है। इस पहल के माध्यम से कई थारू जनजाति ग्रामों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा चुका है और शेष ग्रामों में भी तेजी से कार्य कराया जा रहा है।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए, ताकि थारू जनजाति के लोगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और उनका सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित किया जा सके।इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, खंड विकास अधिकारी मोहित दुबे व अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित रहें।