Rashtriye Samachar

24 X 7 ONLINE NEWS

ऑपरेशन के बाद बिगड़ी प्रसूता की हालत, लापरवाही का आरोप—इंसाफ के लिए भटक रहे परिजन

रिपोर्ट -ब्यूरो बलरामपुर

एक साल पहले हुई थी शादी, अब डायलिसिस पर जिंदगी—5 लाख खर्च के बाद भी नहीं मिला राहत

गोंडा। जनपद के राधाकुंड स्थित ‘उदय हॉस्पिटल’ एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है। प्रसव के लिए भर्ती हुई एक महिला की ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने से परिजनों में आक्रोश है। आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण प्रसूता की किडनी प्रभावित हो गई और अब उसे नियमित डायलिसिस कराना पड़ रहा है।मिली जानकारी के अनुसार, रेहरा बाजार क्षेत्र के नौशहरा निवासी लल्लू पांडेय की पुत्री ज्योति को प्रसव के लिए उक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने जल्दबाजी में ऑपरेशन किया, जिसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। स्थिति गंभीर होने पर उसे लखनऊ के अस्पताल में रेफर किया गया, जहां जांच में किडनी फेल होने की बात सामने आई।
परिजनों का कहना है कि अब ज्योति को सप्ताह में तीन बार डायलिसिस कराना पड़ रहा है। अब तक इलाज में करीब 5 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, बावजूद इसके हालत में अपेक्षित सुधार नहीं है। आर्थिक तंगी के चलते परिवार पर संकट गहराता जा रहा है।पीड़ित पिता लल्लू पांडेय ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी पिछले वर्ष ही बड़े अरमानों के साथ की थी, लेकिन अब उसकी हालत देखकर पूरा परिवार सदमे में है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से इसे सामान्य रेफरल का मामला बताया जा रहा है।संचालक का कहना है कि मरीज की तबीयत बिगड़ने पर उसे उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया गया था।मामले में परिजनों द्वारा नगर कोतवाली में तहरीर दी गई है। साथ ही जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य चिकित्साधिकारी से भी शिकायत की गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

Leave a Reply

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.