एमएलके पीजी कॉलेज में डीएम की अध्यक्षता में ‘शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी’ संपन्न
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
बलरामपुर।परिषदीय विद्यालयों में छात्रों के लर्निंग आउटकम (सीखने की क्षमता) में सुधार और प्राथमिक शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज एमएलके पीजी कॉलेज के सभागार में जिलाधिकारी डॉ विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में एक ‘शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी’ का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में विकासखंड बलरामपुर के समस्त 244 परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, एआरपी एवं नोडल संकुल शिक्षक ने प्रतिभाग किया।संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने प्राथमिक शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डाला।शिक्षकों को लर्निंग लीडर बताते हुए व्यावहारिक दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि केवल पढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक शिक्षक को अपनी कक्षा के हर बच्चे का नाम और उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि पता होनी चाहिए। जब शिक्षक छात्र को व्यक्तिगत रूप से समझता है, तभी वह उसे बेहतर ढंग से शिक्षित कर सकता है।कक्षा 1 से 5 तक का समय वह नींव है जिस पर भविष्य की इमारत खड़ी होती है। इस उम्र में सीखी गई बातें जीवन भर के लिए छात्र की कार्यशैली का हिस्सा बन जाती हैं।कक्षा 3 तक के प्रत्येक बच्चे को स्पष्ट रूप से पढ़ना और गणितीय गणनाएँ (गिनती) आनी चाहिए। उन्होंने सभी शिक्षकों से ‘सकारात्मक ऊर्जा’ के साथ शिक्षण कार्य करने का आह्वान किया।शिक्षकों को मिला विशेष प्रशिक्षण।संगोष्ठी के दौरान उपस्थित शिक्षकों को छात्रों के लर्निंग आउटकम में उन्नयन हेतु विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विशेषज्ञों द्वारा शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधियों और कक्षा प्रबंधन के गुर सिखाए गए, ताकि शिक्षण कार्य को और अधिक रोचक और परिणामोन्मुखी बनाया जा सके।विद्यालयों की स्थिति सुधारने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले ग्राम प्रधान कलवारी, खगईजोत, विशुनापुर एवं फरेंदा को डीएम द्वारा सम्मानित किया गयाशिक्षक सम्मान: शिक्षण कार्य में नवाचार और समर्पण दिखाने वाले शिक्षक जयशेखर एवं शिक्षिका तृप्ति वर्मा को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और एमएलके पीजी कॉलेज के प्राचार्य , खंड शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।