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भक्ति और ज्ञान से परिपूर्ण होता है भागवत कथा संत सर्वेश महाराज

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संवाददाता – राम चरित्र वर्मा

उतरौला, बलरामपुर।बलरामपुर उतरौला के आसाम रोड चौराहा उतरौला तहसील के सामने चल रहे श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन अयोध्या से पधारे पूज्य संत सर्वेश जी महाराज ने कुंती स्तुति और राजा परीक्षित के जन्म की कथा को विस्तार से सुनाया जिसको सुनकर मौजूद लोग भाव विभोर हो गए।आर0एस0वी0 ग्रुप के चेयरमैन राधेश्याम वर्मा और उनकी धर्मपत्नी मुख्य यजमान के रूप में कथा श्रवण कर रहे हैं । राधेश्याम वर्मा जहां समाज सेवा और सद्भावना की विचारधारा के लिए जाने जाते हैं वहीं मानवता को अपना सबसे बड़ा धर्म मानते हैं । इसी धर्म को स्थापित करने और लोगों में जन जागरण के उद्देश्य से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन कर रहे हैं। कथा के दूसरे दिन कथा वाचक युवा संत सर्वेश जी महाराज ने कहा कि कुंती ने भगवान से अजीबोगरीब वरदान मांगा और कहा कि मुझे हमेशा दुख और विपत्ति देना भगवान आश्चर्यचकित हुए और पूछा कि ऐसा क्यों तो उन्होंने जवाब दिया कि सुख में तो लोग भगवान को भूल जाते हैं दुख रहने पर ही भगवान को लोग याद करते हैं मैं आपको कभी न भूलूं इसलिए मुझे दुख देना। कथावाचक ने राजा परीक्षित के जन्म तथा कपिल उपदेश को बारे में विस्तार से बताया जिसको सुनकर श्रोता भाव विभोर होते हुए दिखाई दिए।कार्यक्रम के अंत में आए हुए श्रद्धालुओं के प्रति आभार प्रकट करते हुए आर0एस0वी0 ग्रुप के चेयरमैन राधेश्याम वर्मा ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन लोगों में सद्भावना ईश्वर के प्रति आस्था मनुष्य के प्रति प्रेम तथा लोगों में करुणा और समरसता कायम करने के लिए आयोजित किया गया है लोग भक्ति भजन के माध्यम से सृष्टि के कल्याण के लिए तत्पर रहे यही हमारी ईश्वर से प्रार्थना है । श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन सैकड़ो लोगों की भीड़ मौजूद रही।

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