प्रेमी युगल पर बर्बरता की हदें पार, युवती की निर्मम हत्या, न्याय पर उठे गंभीर सवाल – सूत्र
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रिपोर्ट – संवाद सूत्र
बलरामपुर, उत्तर प्रदेश: मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना ने बलरामपुर जिले को झकझोर कर रख दिया है। रेहरा बाजार थाना क्षेत्र के सोमरहा ग्राम सभा में प्रेम प्रसंग के शक में कुछ दरिंदों ने न केवल एक प्रेमी जोड़े को बेरहमी से पीटा, बल्कि उसके बाद युवती के साथ जघन्य वारदात को अंजाम दिया। ग्रामीणों ने बताया कि बर्बरता की हदें तब पार हो गईं जब जघन्य कृत्य करने के बाद आरोपियों ने युवती की हत्या कर दी और उसके प्रेमी को अधमरा कर छोड़ गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर मामले में कथित तौर पर बिना पोस्टमार्टम कराए ही युवती के शव को दफना दिया गया, जिससे न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हर शख्स के मन में गहरे सवाल उठ रहे हैं।
दर्दनाक दास्तान: सोमरहा के चौधरी पुरवा के सात दरिंदे ।ग्रामीणों ने जानकारी के अनुसार, यह वीभत्स घटना दोपहर के समय ग्राम सभा सोमरहा के चौधरी पुरवा निवासी सात युवकों द्वारा अंजाम दी गई। बताया जा रहा है कि इन सातों लड़कों ने प्रेमी जोड़े को पहले घेरकर पकड़ा और फिर उन पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। मार-पीट के दौरान प्रेमी गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि युवती को इन दरिंदों ने अपनी हवस का शिकार बनाया हवस कृत्य के बाद, हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए, उन्होंने युवती को मौत के घाट उतार दिया। प्रेमी को भी बुरी तरह पीटकर अधमरा छोड़ दिया गया था।
न्याय का गला घोंटा गया? बिना पोस्टमार्टम दफनाया गया शव।ग्रामीणों ने बताया कि इस पूरे मामले को भी रहस्यमय और चिंताजनक बना दिया है युवती के शव को बिना पोस्टमार्टम कराए ही दफना दिए गया है। भारतीय कानून के अनुसार, हत्या या हवस के मामलों में पोस्टमार्टम कराना अनिवार्य होता है, क्योंकि यह मृत्यु का कारण, समय और यौन हिंसा के महत्वपूर्ण फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने में सहायक होता है। ऐसे में बिना पोस्टमार्टम के शव को दफनाना न केवल कानूनी प्रक्रिया का घोर उल्लंघन है, बल्कि यह सबूतों को मिटाने और मामले को दबाने की कोशिश की ओर भी इशारा करता है।
सवाल: क्या हवस कृत्यों पर होगी कार्यवाही? क्या मिलेगा न्याय?
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर दिया है। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि क्या इन दरिंदों को कानून का शिकंजा कस पाएगा? क्या युवती को न्याय मिलेगा, जिसकी जिंदगी क्रूरता से छीन ली गई? और सबसे बड़ा सवाल, बिना पोस्टमार्टम के शव को दफनाने के पीछे किसका हाथ है और क्या इस गंभीर अनियमितता पर भी कोई कार्रवाई होगी?
यह पूरा मामला थाना रेहरा बाजार के ग्राम सभा सोमरहा का बताया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं कि वे इस जघन्य अपराध पर क्या कार्रवाई करते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाते हैं। यह घटना एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लगाती है। जब इस सम्बन्ध सीओ उतरौला से जानकारी करने पर उनका मोबाइल कवरेज क्षेत्र से बाहर बताया।