दुष्कर्म के आरोप में सश्रम कारावास व अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई
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रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
बलरामपुर।पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा सजा कराए जाने हेतु चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन के तहत चिन्हित मुकदमों में पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार के निर्देशन में निरन्तर प्रभावी पैरवी कर दोषी अभियुक्तों को सजा कराये जाने के अभियान के क्रम में दिनांक 11.05.2019 को वादी की तहरीरी सूचना के आधार पर कि विपक्षी सुनील कुमार पुत्र मेहीलाल निवासी चीती थाना कोतवाली उतरौला जनपद बलरामपुर द्वारा वादी की नाबालिक पुत्री को भगा ले जाना व उसके साथ दुष्कर्म की घटना कारित करने के सम्बन्ध में थाना कोतवाली उतरौला पर मु0अ0सं0 148/19 धारा 363, 366A, 376 भा0द0वि0 व 3/4 व धारा 18 पॉक्सो एक्ट बनाम सुनील कुमार पुत्र मेहीलाल निवासी चीती थाना कोतवाली उतरौला जनपद बलरामपुर पंजीकृत किया गया।अभियोग की विवेचना निरीक्षक संभू सिंह तोमर द्वारा की गयी व आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया। न्यायालय में दौराने विचारण अभियोग की पैरवी माॅनीटरिंग सेल के नोडल प्रभारी अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के नेतृत्व में विशेष लोक अभियोजक पवन कुमार वर्मा व प्रभारी माॅनीटरिंग सेल ओम प्रकाश चौहान एवं थाना कोतवाली उतरौला पुलिस के द्वारा प्रभावी पैरवी के परिणाम स्वरूप न्यायालय विशेष न्यायधीश पॉक्सो एक्ट बलरामपुर द्वारा धारा 363, 366A, 376(3) भा0द0वि0 व 3/4 पॉक्सो एक्ट के अपराध में अभियुक्त सुनील कुमार उपरोक्त को न्यायालय द्वारा 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 13,000 रु0 का अर्थदण्ड की सजा सुनाई गयी। उल्लेखनीय है कि अभियुक्त सुनील कुमार पुत्र मेहीलाल निवासी चीती थाना कोतवाली उतरौला उपरोक्त जनपद बलरामपुर का टॉप टेन अपराधी है जिसके विरुद्ध जनपद बलरामपुर में चोरी, दुष्कर्म, आर्म्स एक्ट व जानलेवा हमले जैसे करीब आधा दर्जन मुकदमें पंजीकृत है।