भूकम्प, औद्यौगिक एवं अग्निकाण्ड से बचाव को लेकर राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज सम्पन्न
रिपोर्ट -ब्यूरो बलरामपुर
रिस्पान्सिबल ऑफिसर/जिलाधिकारी पवन अग्रवाल के निर्देशन में जनपद की तीनों तहसीलों में आयोजित हुई मॉक ड्रिल
बलरामपुर।शुक्रवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राहत आयुक्त कार्यालय एवं उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन में जिले में राज्य स्तरीय मॉक अभ्यास का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी पवन अग्रवाल की अगुवाई में औद्यौगिक रसायन खतरे से बचाव सम्बन्धी मॉकड्रिल नगर की बलरामपुर चीनी मिल के केमिकल डिवीजन में हुई। भूकम्प आने के बाद चीनी मिल प्रबन्धन द्वारा जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम में सूचना दी जाती है कि भूकम्प आने के कारण मिल के केमिकडल डिवीजन में एथनॉल प्लान्ट में लीकेज शुरू हो गया है जिससे आग लग गई है जिसमें पन्द्रह मजदूर एवं कुछ कर्मचारी फंस गये हैं। कन्ट्रोल रूम इंचार्ज मनोज कुमार सरोज द्वारा डीएम को इसकी सूचना दी जाती है। सूचना मिलते ही डीएम के निर्देशन इन्सीडेन्ट कमाण्डर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व द्वारा तुरन्त मोर्चा संभाला गया और डीएम स्वयं अग्निशमन, मेडिकल टीम के साथ पुलिस विभाग वरिष्ठ अधिकारी तुरन्त घटना स्थल के लिए रवाना हुए। वहां पर अग्निशमन, एसएसबी के जवान और चीनी मिल के सुरक्षा अधिकारी की टीम ने मिलकर तुरन्त राहत एवं बचाव कार्य प्रारम्भ किया तथा मिल के केमिकल डिवीजन में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मेडिकल टीम द्वारा प्रभावितों का मेडिकल चेकअप करते हुए संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराने की कार्यवाही की गई है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद बलरामपुर भूकम्प की संवेदनशीलता के दृष्टिगत जोन-4 में आता है। भूकंप, औद्योगिक रसायन और आग की सुरक्षा पर मॉक ड्रिल आयोजन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने और आम नागरिकों व कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए किया जाता है, जिसमें विभिन्न एजेंसियां शामिल होती हैं जिसमें अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ जनसामान्य को आपदाओं के बारे में जानकारी देने के साथ ही प्रशिक्षित किया जाता है ताकि वास्तविक संकट के समय वे शांत और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दे सकें. यह ड्रिल कर्मचारियों को प्रशिक्षित करती है कि वे भूकंप, आग और रासायनिक रिसाव जैसी आपात स्थितियों में खुद को और दूसरों को कैसे बचाएं, और कैसे एक सुरक्षित स्थान पर इकट्ठा हों. इस मॉकड्रिल में अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, परिवहन, शिक्षा, नगर निकाय, आपूर्ति विभाग, एनसीसी, सेना, पीडब्लूडी, विद्युत विभाग एवं आपदा मित्र सहित अन्य सम्बन्धित विभागों की सहभागिता रही।इसी प्रकार तहसील तुलसीपुर में तहसील की बिल्डिंग में आग लगने की घटना पर बचाव एवं सीएचसी तुलसीपुर में भूकम्प से उत्पन्न हुई मेडिकल इमरजेन्सी की मॉकड्रिल सम्पन्न हुई। तहसील उतरौला में मो0 यूसुफ उस्मानी इंटर कालेज में भूकम्प से स्कूली बच्चों के बचाव की मॉकड्रिल के साथ उन्हें बचाव के तरीकोें क्या करें-क्या न करें आदि के बारे में बताया गया। बताते चलें कि जिलाधिकारी ने मॉक अभ्यास के सफल आयोजन के लिए अपर उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सरोज का जिला इमरजेन्सी ऑपरेशन का इंचार्ज, एसडीएम सदर हेमन्तु गुप्ता को बलरामपुर चीनी मिल की मॉकड्रिल का नोडल एवं एसडीएम तुलसीपुर राकेश जयन्त को तहसील तुलसीपुर में आयोजित होने वा एवं एसडीएम उतरौला को उतरौला में होने वाली मॉकड्रिल का नोडल नामित करते हुए जिम्मेदारी सौंपी थी तथा अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सुश्री ज्योति राय को ओवर ऑल नोडल अधिकारी एवं जिला आपदा विशेषज्ञ अरूण सिंह को ओवर ऑल समन्वय का दायित्व दिया था। इस दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सुश्री ज्योति राय, एएसपी विशाल पाण्डेय, एसडीएम हेमन्त गुप्ता, आपदा विशेषज्ञ अरूण सिंह, तहसीलदार विश्व दीपक त्रिपाठी, चीनी मिल के यूनिट हेड, सुरक्षा अधिकारी संजीव मिश्रा, अग्नि शमन अधिकारी अंकित कुमार, एसीएमओ डा0 ए0के0 चौधरी, डॉ0 श्याम, आरपीएफ निरीक्षक, स्वयं सेवक आपदा मित्र, एनसीसी कैडेट्स, एसएसबी के अधिकारी एवं जवान, स्कूली छात्र-छात्राएं, वायरलेस विभाग के कर्मी सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।