जिलाधिकारी ने तहसील बलरामपुर सदर में तटबंधों का विस्तृत निरीक्षण किया
रिपोर्ट – राम चरित्र वर्मा
बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
पहाड़ी नालों के ड्रेनेज पर विशेष फोकस, डीएम ने दिए निर्देश
जनप्रतिनिधियों के सुझावों से बनेगी बाढ़ सुरक्षा की कार्ययोजना
बलरामपुर।जनपद में आगामी वर्षा एवं बाढ़ की संभावित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन द्वारा तहसील बलरामपुर सदर अंतर्गत कोडरी घाट पर निर्मित तटबंध एवं बेलवा सुल्तानजोत स्थित एमएलटीडी तटबंध का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य पूर्व में कराए गए तटबंध कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना तथा बाढ़ से पूर्व आवश्यक सुधारात्मक एवं निवारक कार्यों को समय रहते पूर्ण कराना रहा।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तटबंधों की मजबूती, कटाव की संभावनाओं, जल प्रवाह की दिशा तथा पूर्व में किए गए कार्यों की गुणवत्ता का गहन परीक्षण किया।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तटबंधों में जहां-जहां गैप, कमजोर स्थान अथवा कटाव की संभावना हो, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करते हुए तत्काल भराव एवं सुदृढ़ीकरण की कार्ययोजना तैयार की जाए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी अंतिम समय पर न होकर अभी से योजनाबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाए, उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें तथा तटबंधों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि जनपद की ड्रेनेज हिस्ट्री, जलभराव वाले क्षेत्रों, नदियों एवं नालों के स्लोप (ढाल) तथा विगत वर्षों में आई बाढ़ के अनुभवों का विस्तृत अध्ययन कर तटबंध एवं ड्रेनेज से संबंधित कार्यों को योजनाओं में सम्मिलित किया जाए, ताकि स्थायी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पहाड़ी नालों के ड्रेनेज सिस्टम पर विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिए कि पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले जल के निर्बाध एवं सुरक्षित निकास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बाढ़ एवं तटबंध से संबंधित आवश्यक कार्यों के लिए माननीय विधायकगण से प्रस्ताव आमंत्रित कर उन्हें नियमानुसार कार्ययोजनाओं में सम्मिलित किया जाए, जिससे जनप्रतिनिधियों के सुझावों एवं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकासात्मक एवं सुरक्षा संबंधी कार्य सुनिश्चित हो सकें।जिलाधिकारी ने अंत में संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सभी प्रस्तावित कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।