Rashtriye Samachar

24 X 7 ONLINE NEWS

शीत लहर से बचाव को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एडवाइजरी जारी

रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर

निराश्रितों, असहायों एवं राहगीरों को ठण्ड से बचाने के लिए संचालित हैं 06 रैन बसेरे, निःशुल्क है सेवा-जिलाधिकारी

शीत लहर से बचाव के दृष्टिगत 214 चिन्हित सार्वजनिक स्थलों पर जलवाए जा रहे हैं अलाव-डीएम

कमरे में अंगीठी जलाना या ब्लोअर चलाना साबित हो सकता है जानलेवा, इससे बचें-जिलाधिकारी

बलरामपुर।मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में भी जनपद में शीत लहर का प्रकोप जारी रहेगा। सर्दी और शीत लहर से बचाव को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है। जिलाधिकारी श्री विपिन कुमार जैन ने ठण्ड से बचाव के लिए गाइड लाइन यानी ठण्ड से बचाव को लेकर क्या करें, क्या न करें के बारे में विस्तार से बताया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि ठण्ड से बचाव को लेकर जिले में 06 जगहों पर रैन बसेरे बनाये गये हैं जिसमें नगर क्षेत्र बलरामपुर में दो जगहों पर, नगर पंचायत तुलसीपुर में एक, नगर पंचायत उतरौला में एक, नगर पंचायत गैसड़ी में एक तथा नगर पंचायत पचपेड़वा में एक जगह पर निराश्रितों, असहायों एवं राहगीरों के ठहरने के लिए रैन बसेरे संचालित हैं। उन्होंने बताया कि रैन बसेरे में कोई भी निराश्रित, असहाय अथवा राहगीर या जरूरतमंद व्यक्ति निःशुल्क ठहर सकता है। सभी रैन बसेरों में शासन के निर्देशानुसार समुचित प्रबन्ध किये गए हैं।जिलाधिकारी ने ठण्ड से बचाव के उपायों के बारे में बताते हुए कहा कि जनसामान्य लगातार समाचार पत्रों, रेडियो एवं टीवी के माध्यम से मौसम की जानकारी लेते रहें तथा जिला प्रशासन व राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा समय-समय पर जारी किये जाने वाली एडवाजरी को प्राप्त कर जानकारी लेतेे रहें। उन्होंने बताया कि कान, नाक व गले को ढक कर रखें। कई परत वाले गर्म कपड़े पहनें। स्नान हेतु गरम पानी का प्रयोग करें। विशेष परिस्थितियों के लिए ईंधन बचाकर रखें। शरीर को गरम रखने हेतु पेय पदार्थों एएवं पौष्टिक आहार का सेवन करते रहें। शरीर के अंगों का सुन्न होना, हाथ पैर, कान पर सफेद या पीले रंग के दाग पड़ने पर तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें। शराब या मदिरा का सेवन न करें क्योंकि यह शरीर के तापमान को कम कर देता है। कंप-कपी को नजर अंदाज न करें तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें और सबसे जरूरी बात यह कि अपने पशुओं को रात में ढक कर रखें तथा उन्हें सड़कों पर या खुले में न छोड़ें।जिला आपदा विशेषज्ञ अरूण सिंह ने बताया कि कमरे को गर्म रखने के लिए जलावन यानी लकड़ी का प्रयोग कतई न करें क्योंकि इससे कमरे में धुआं फैलने का खतरा उत्पन्न हो जाता है। कोयले की अंगीठी, हीटर या ब्लोअर आदि का प्रयोग बेहद सावधानी के साथ करना चाहिए। कमरे की खिड़कियां अनिवार्य रूप से खोल के रखें ताकि अंगीठी से उत्पन्न होने वाले जहरीले धुएं से आपको नुकसान न हो और कमरे में आक्सीजन की कमी भी न होने पावे। घर के अन्दर सुरक्षित रहें। जब तक बहुत आवश्यक न हो तब तक घर से बाहर न निकलें। ठण्ड से बचने के लिए सर्दियों में तिल का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है। इसके अलावा खजूर का सेवन करें खजूर में विटामिन-ए, विटामिन-बी, कैल्शियम, पोटैशियम और अन्य विटामिन्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जिससे शरीर के पर्याप्त पोषक तत्व मिलते हैं। इसके साथ ही गुड़, अदरक, शहद और हल्दी दूध आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर है, इसका सेवन भी बहुत फायेदमंद होता है।

Leave a Reply

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.