सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का सफल संचालन हेतु डीएम ने टेस्टिंग का किया स्थलीय निरीक्षण
रिपोर्ट – राम चरित्र वर्मा
पूरी क्षमता से एसटीपी संचालन के निर्देश, नगर स्वच्छता को मिलेगी नई मजबूती
हाउस-टू-हाउस सीवेज कनेक्शन व पेयजल व्यवस्था का डीएम ने लिया जायजा
पाइपलाइन कार्य के बाद सड़क बहाली में देरी पर डीएम की नाराजगी, त्वरित सुधार के निर्देश
बलरामपुर।नगर की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं आधुनिक सीवेज प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का विधिवत संचालन प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा एसटीपी की टेस्टिंग प्रक्रिया का स्थलीय निरीक्षण किया गया तथा तकनीकी कार्यप्रणाली, शोधन क्षमता एवं आउटपुट गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया गया।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसटीपी का संचालन पूरी क्षमता एवं मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए, ताकि नगर क्षेत्र से निकलने वाले सीवेज का वैज्ञानिक तरीके से शोधन हो सके और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाया जा सके।एसटीपी का सुचारु संचालन नगर को स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
हाउस-टू-हाउस सीवेज कनेक्शन पर विशेष जोर।एसटीपी निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र में भ्रमण कर हाउस-टू-हाउस सीवेज कनेक्शन की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकतम घरों को शीघ्रता से सीवेज नेटवर्क से जोड़ा जाए, जिससे खुले नालों, जलभराव एवं गंदगी की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
नवनिर्मित पानी की टंकी व पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण।जिलाधिकारी द्वारा नवनिर्मित पानी की टंकी का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने पेयजल कलेक्शन, भंडारण एवं आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाए।सड़क बहाली में देरी पर नाराजगी, त्वरित सुधार के निर्देश।निरीक्षण के दौरान पाइप लाइन बिछाने के पश्चात सड़कों को पूर्व स्थिति में बहाल करने के कार्य में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां-जहां कार्य पूर्ण हो चुका है, वहां चरणबद्ध रूप से तत्काल सड़क बहाली कराई जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि एसटीपी, सीवेज कनेक्शन एवं पेयजल जैसी मूलभूत सेवाएं नगर विकास की रीढ़ हैं। इनसे जुड़े समस्त कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण किए जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।