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विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का डीएम ने किया औचक निरीक्षण

रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर

कार्यालय व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में डीएम की बड़ी पहल, दिए कड़े निर्देश

सेवा पुस्तिका अद्यतन, आईडी कार्ड अनिवार्य, सोशल ऑडिट मजबूत करने के निर्देश

आउटसोर्सिंग कर्मियों के वेतन कटौती के मामले में 04 सदस्यीय जांच टीम डीएम ने की गठित, गलत ढंग से कटौती पाए जाने पर कंपनी के विरुद्ध एफआईआर के निर्देश

बलरामपुर।जनपद में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी बनाए जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन द्वारा आज विकास भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी कार्यालय, उपायुक्त ग्राम्य विकास, एनआरएलएम, डीआरडीए, जिला प्रोबेशन अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य संबंधित कार्यालयों में पहुंचकर कार्यों की समीक्षा की तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यालयों में कार्यरत कार्मिकों की सेवा पुस्तिकाओं का अवलोकन किया और सभी विभागों को निर्देशित किया कि सेवा पुस्तिकाएं शीघ्र अद्यतन कराई जाएं, जिससे कार्मिकों से जुड़े अभिलेख पूर्णतः सही व अद्यतन रहें।
सोशल ऑडिट पर विशेष जोर, रिपोर्ट के आधार पर सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश
जिला विकास अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सोशल ऑडिट की प्रक्रिया को प्रभावी एवं गुणवत्तापरक बनाया जाए तथा प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही डीएम ने कार्यालय में रिक्त 02 एपीओ पदों की भर्ती प्रक्रिया पर जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि भर्ती का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और सभी प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी ब्लॉक रिक्त न रहे।
आउटसोर्सिंग कर्मियों के वेतन भुगतान में अनियमितता पर डीएम सख्त
जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मियों के भुगतान की स्थिति की जांच की। निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि कंपनी द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मियों को पूर्ण भुगतान नहीं किया जा रहा, तथा 18 प्रतिशत जीएसटी के नाम पर कर्मचारियों के वेतन से कटौती की जा रही है।
जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए 04 सदस्यीय जांच टीम गठित कर प्रकरण की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि यदि जांच में अनुचित/गलत कटौती की पुष्टि होती है, तो संबंधित कंपनी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए
कड़ी विधिक कार्यवाही की जाए।
कार्मिकों के लिए आईडी कार्ड अनिवार्य
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभागों के कर्मचारियों के पास आईडी कार्ड होना अनिवार्य है। बिना पहचान पत्र के कार्यालय में कार्य करने की स्थिति न हो तथा सभी कार्यालयों में स्टाफ की पहचान एवं अनुशासन सुनिश्चित किया जाए।
विकास भवन परिसर में साफ-सफाई एवं सुव्यवस्था के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विकास भवन परिसर में समुचित साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यालयों, बरामदों, सीढ़ियों, शौचालयों तथा परिसर के सभी सार्वजनिक स्थलों पर नियमित सफाई, कूड़ा निस्तारण एवं स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित कराया जाए, ताकि आमजन को सुविधाजनक एवं स्वच्छ वातावरण प्राप्त हो सके।
*पुरानी पत्रावलियों की बीड आउट, फर्नीचर मरम्मत और कार्यालय व्यवस्था सुधारने के निर्देश*
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालयों में अभिलेख व्यवस्था एवं संसाधनों के उपयोग की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि सभी कार्यालयों में पुरानी/अनुपयोगी पत्रावलियों को नियमानुसार बीड आउट कराते हुए अलमारियों का पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पुराने फर्नीचर की मरम्मत कर उसे उपयोग में लाया जाए, जिससे सरकारी संसाधनों का समुचित व प्रभावी उपयोग हो सके।
कार्य विभाजन और पटल विवरण स्पष्ट रखने के निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्यालय में कार्य विभाजन स्पष्ट हो तथा प्रत्येक कार्मिक के पटल पर संबंधित कार्यों का विवरण/दायित्व सूची प्रदर्शित हो। इससे कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित होगा।
डिस्पैच रजिस्टर की नियमित जांच पर बल
जिलाधिकारी ने कार्यालयीन पत्र-व्यवहार को व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि डिस्पैच रजिस्टर की नियमित जांच कराई जाए, जिससे पत्रावलियों की ट्रैकिंग एवं निस्तारण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सके।जिलाधिकारी ने निरीक्षण के अंत में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यालयों में साफ-सफाई, अभिलेखों का समुचित रख-रखाव, समयबद्ध कार्य निष्पादन तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए प्रत्येक कार्यालय की कार्यप्रणाली अनुशासित व दक्ष होनी चाहिए।इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त एनआरएलएम व अन्य संबंधित अधिकारी, कर्मचारीगण उपस्थित रहें।

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