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बाराबंकी में महंगाई की मार: आलू किसान रखरखाव और ट्रांसपोर्ट खर्च से बेहाल

रिपोर्ट – ब्यूरो बाराबंकी

कोल्ड स्टोरेज किराया बढ़ा, डीजल महंगा,* *मंडियों तक पहुंचाना हुआ मुश्किल — किसानों पर गहराया आर्थिक संकट

बाराबंकी।जनपद बाराबंकी में इस समय आलू किसानों पर महंगाई की दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ खाद, बीज और कीटनाशकों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, तो दूसरी ओर आलू के रखरखाव और परिवहन की लागत ने किसानों की कमर तोड़ दी है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि लागत निकालना भी किसानों के लिए चुनौती बन गया है।
कोल्ड स्टोरेज का बढ़ा किराया
आलू उत्पादन के बाद किसानों को उसे सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज का सहारा लेना पड़ता है। लेकिन इस वर्ष कोल्ड स्टोरेज का किराया बढ़ने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। छोटे और मध्यम किसान अधिक किराया चुकाने में असमर्थ हैं, जिससे उन्हें मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचनी पड़ रही है।

ट्रांसपोर्टिंग खर्च ने बढ़ाई परेशानी।

डीजल के दामों में वृद्धि का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ा है। खेत से मंडी और मंडी से बाजार तक आलू पहुंचाने में पहले से अधिक खर्च आ रहा है। ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रकों का किराया बढ़ जाने से किसानों का मुनाफा घटता जा रहा है।
किसानों का कहना है कि जब तक फसल मंडी में पहुंचती है, तब तक लागत इतनी बढ़ जाती है कि उन्हें उचित लाभ नहीं मिल पाता। कई किसानों ने बताया कि लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है, जिससे कर्ज बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
प्रशासन से राहत की मांग
स्थानीय किसान संगठनों ने प्रशासन से कोल्ड स्टोरेज किराए में राहत, डीजल पर सब्सिडी और मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।आलू किसान इस समय महंगाई, बढ़ती लागत और कम बाजार मूल्य के कारण गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में इसका व्यापक असर कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

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