राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने महिला कल्याण एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
जिला महिला चिकित्सालय का किया निरीक्षण, वितरित की बेबी किट
विकास भवन में महिला जनसुनवाई, प्राप्त 15 शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश
बलरामपुर।उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष (उपमंत्री स्तर प्राप्त) श्रीमती चारू चौधरी ने बुधवार को जनपद बलरामपुर के भ्रमण के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने छात्राओं से संवाद किया, जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया तथा विकास भवन सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई में महिलाओं की समस्याएं सुनीं।इसके साथ ही वृद्धाश्रम एवं वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं सेवाओं की जानकारी ली।उपाध्यक्ष ने सिटी मॉन्टेसरी कॉलेज, विशुनीपुर, भगवतीगंज में छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा, महिला सुरक्षा, आत्मनिर्भरता एवं महिला अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं के हित में शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सहायता सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने और उनका लाभ लेने के लिए जागरूक किया।इसके उपरांत उपाध्यक्ष श्रीमती चारू चौधरी ने जिला महिला चिकित्सालय, बलरामपुर का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सालय में भर्ती गर्भवती महिलाओं एवं मरीजों से संवाद कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं उपचार के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने नवजात शिशुओं की माताओं को बेबी किट वितरित की तथा माताओं एवं नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य की कामना की।उपाध्यक्ष ने चिकित्सालय में साफ-सफाई, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं तथा मरीजों एवं उनके तीमारदारों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में है, इसलिए स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।इसके पश्चात उपाध्यक्ष ने विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई की।जनसुनवाई के दौरान महिलाओं द्वारा अपनी विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित कुल 15 शिकायत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। उपाध्यक्ष ने शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों से प्रकरणों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्राप्त सभी शिकायत प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न एवं महिला हित से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्रवाई की जाए। शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न हो तथा महिलाओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ महिलाओं की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।भ्रमण के क्रम में उपाध्यक्ष ने वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां निवासरत वरिष्ठजनों से संवाद कर उनके स्वास्थ्य, भोजन एवं अन्य उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को वृद्धजनों की आवश्यकताओं एवं सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने तथा उन्हें बेहतर वातावरण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।इसके बाद उपाध्यक्ष ने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।उन्होंने सेंटर की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए निर्देश दिया कि महिला सुरक्षा एवं संरक्षण से जुड़े मामलों में पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा प्रत्येक महिला के साथ संवेदनशीलता एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।उपाध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य एवं स्वावलंबन सुनिश्चित करने के लिए शासन द्वारा अनेक योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ महिला कल्याण एवं सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।