बाल श्रम मुक्त के तहत गैड़ास बुजुर्ग के सभी 42 ग्राम पंचायतों के लिए प्रस्ताव पारित
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
6 चिन्हित हॉटस्पॉट सहित सभी ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य, 15 दुकानों का हुआ सत्यापन
बलरामपुर।बच्चों को शिक्षा, संरक्षण एवं सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराने तथा बाल श्रम के उन्मूलन की दिशा में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विकासखंड गैड़ास बुजुर्ग की सभी 42 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।विकासखंड गैड़ास बुजुर्ग के सभागार में खंड विकास अधिकारी के नेतृत्व में ब्लॉक बाल संरक्षण समिति (बीसीपीसी) की बैठक आयोजित की गई।विस्तृत विचार-विमर्श के उपरांत विकासखंड की सभी 42 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त किए जाने के संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया।इन 42 ग्राम पंचायतों में बाल श्रम की दृष्टि से चिन्हित 6 हॉटस्पॉट एवं 36 नॉन-हॉटस्पॉट ग्राम पंचायतें शामिल हैं।बैठक में बाल श्रम की रोकथाम, बच्चों के संरक्षण, ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता तथा संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के समन्वय से अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई।बाल श्रम की रोकथाम के साथ ही बच्चों को शिक्षा एवं शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। जिला प्रशासन की मंशा है कि बाल श्रम की रोकथाम के लिए विभागीय कार्रवाई के साथ ग्राम पंचायत एवं समुदाय स्तर पर भी व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।बैठक में श्रम प्रवर्तन अधिकारी रिज़वान खान द्वारा श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, उनके उद्देश्यों एवं पात्रता संबंधी शर्तों की विस्तृत जानकारी दी गई। उपस्थित पंचायत सचिवों, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों एवं अन्य सदस्यों से योजनाओं की जानकारी पात्र परिवारों तक पहुंचाने तथा बाल श्रम की रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा की गई।बाल श्रम की रोकथाम को लेकर विकासखंड क्षेत्र में विशेष सत्यापन अभियान भी चलाया गया। अभियान के दौरान कुल 15 दुकानों का सत्यापन किया गया तथा सत्यापन में बाल श्रम मुक्त पाए गए प्रतिष्ठानों पर ‘बाल श्रम मुक्त’ स्टीकर चस्पा किए गए। इसके माध्यम से व्यापारियों एवं आमजन को बाल श्रम के विरुद्ध जागरूकता का संदेश दिया गया।बैठक में बाल श्रम के पूर्ण उन्मूलन के लिए ग्राम पंचायतों, संबंधित विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों एवं समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए जागरूकता एवं सत्यापन की कार्रवाई निरंतर जारी रखने पर बल दिया गया।बैठक में श्रम प्रवर्तन अधिकारी रिज़वान खान, जिला परामर्शदाता अजय कुमार यादव रोजा संस्थान, समाजसेवी सनी श्रीवास्तव भारतीय जन कल्याण सेवा संस्थान, समाजसेवी सुखदेव वर्मा रोजा संस्थान, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, संबंधित पंचायत सचिवगण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की सखी/स्वयं सहायता समूह प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित सदस्य उपस्थित रहे।विकासखंड की सभी 42 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए प्रस्ताव पारित किया जाना ‘बाल श्रम मुक्त गैड़ास बुजुर्ग’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन का उद्देश्य बच्चों को श्रम से दूर रखते हुए उन्हें शिक्षा, संरक्षण एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना तथा बाल श्रम के विरुद्ध ग्राम स्तर तक मजबूत जनभागीदारी विकसित करना है।