अंगूठा लगवाकर राशन नहीं देने का आरोप, निलंबित कोटेदार पर मुकदमा
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
68.42 क्विंटल गेहूं और 130 क्विंटल चावल का हिसाब नहीं मिला, जांच के बाद हुई कार्रवाई
सादुल्ला नगर,बलरामपुर। राशन वितरण में अनियमितता के आरोप में जिगनी गांव के निलंबित कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। पूर्ति निरीक्षक की जांच में 68.42 क्विंटल गेहूं और 130 क्विंटल चावल का हिसाब नहीं मिलने का मामला सामने आया है। कोटेदार पर कार्डधारकों का अंगूठा लगवाने के बावजूद राशन नहीं देने और खाद्यान्न की कालाबाजारी कर निजी लाभ लेने का आरोप है।मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की गई थी।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि कोटेदार ने दो महीने का राशन अंगूठा लगवाने के बाद भी नहीं दिया। ग्राम प्रधान शेर अली ने भी कार्डधारकों को राशन नहीं मिलने और निर्धारित मात्रा से एक से दो किलोग्राम कम खाद्यान्न देने की शिकायत की थी।पूर्ति निरीक्षक मनमथ नाथ गुप्ता ने एक अक्टूबर को गांव पहुंचकर 87 कार्डधारकों और उनके परिजनों के बयान दर्ज किए। विभागीय जांच में अगस्त में अंगूठा लगवाने के बावजूद राशन नहीं देने, निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न बांटने और अंत्योदय कार्डधारकों को चीनी वितरण में अनियमितता के आरोप सामने आए।जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी की अनुमति से 13 अक्टूबर को कोटेदार प्रदीप कुमार पुत्र हरिलाल की दुकान का अनुबंध निलंबित कर दिया गया। कार्डधारकों को राशन उपलब्ध कराने के लिए दुकान को ग्राम पंचायत मनुवागढ़ के कोटेदार बलवीर से संबद्ध किया गया। आरोप है कि प्रदीप कुमार ने संबद्ध कोटेदार को केवल 22.50 क्विंटल गेहूं और छह क्विंटल चावल ही उपलब्ध कराया।विभागीय अभिलेखों के अनुसार, सितंबर के अवशेष और अक्टूबर में प्राप्त खाद्यान्न को मिलाकर 90.92 क्विंटल गेहूं और 136 क्विंटल चावल उपलब्ध होना चाहिए था। इसके सापेक्ष कम खाद्यान्न मिलने पर 68.42 क्विंटल गेहूं और 130 क्विंटल चावल का हिसाब नहीं मिल सका। विभाग ने इसे खाद्यान्न की कालाबाजारी कर निजी लाभ लेने से जुड़ा मामला बताया है।पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर 23 अक्टूबर को जिलाधिकारी से मुकदमा दर्ज कराने की अनुमति मिलने के बाद निलंबित कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और 7 के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस से मामले में वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है।