कीटों के प्रकोप से धान की फसल पर संकट, किसान चिंतित
ब्यूरो बलरामपुर केसरी
रेहराबाजार(बलरामपुर)। क्षेत्र में धान की फसल पर कीटों के प्रकोप की शिकायत से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस समय अधिकांश खेतों में धान की फसल गोभ (बूटिंग) अवस्था में है, जबकि कई खेतों में बालियां निकलनी शुरू हो गई हैं। फसल की इस संवेदनशील अवस्था में कीटों के सक्रिय होने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।किसानों के अनुसार धान के पौधों के निचले हिस्से और तने के आसपास कीट दिखाई दे रहे हैं। इससे पौधों के कमजोर होने और बढ़वार प्रभावित होने की चिंता है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कीटों पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो इसका सीधा असर बालियों के विकास और पैदावार पर पड़ सकता है।किसान झिनकन, अंकित और राजू ने बताया कि धान की फसल तैयार करने में बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च हुआ है। ऐसे में फसल में कीट लगने से लागत डूबने की चिंता सताने लगी है। किसानों ने कृषि विभाग से प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर कीट की पहचान कराने और उसके नियंत्रण के लिए उचित सलाह देने की मांग की है।किसानों का कहना है कि बिना कीट की सही पहचान किए दवाओं का छिड़काव करने से जहां अनावश्यक खर्च बढ़ेगा, वहीं फसल को भी नुकसान हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान की बूटिंग और बालियां निकलने की अवस्था में खेतों की नियमित निगरानी जरूरी है। कीट की पहचान के बाद ही अनुशंसित दवा और उचित मात्रा में उसका प्रयोग किया जाना चाहिए।