सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायत पर डीएम की सख्त कार्रवाई, लेखपाल को निलंबित करने के दिए निर्देश
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
बिना स्थलीय सत्यापन के मात्र 09 दिनों में अलग-अलग वार्षिक आय दर्शाते हुए तीन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का मामला
डीएम के निर्देश पर लेखपाल दीपक कुमार निलंबित, तहसीलदार उतरौला को सौंपी गई विभागीय जांच
उतरौला, बलरामपुर।जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन द्वारा जनशिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। इसी क्रम में तहसील उतरौला में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायत के प्रकरण में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने तहसील उतरौला के ग्राम मोहम्मद नगर ग्रिण्ट क्षेत्र में तैनात लेखपाल दीपक कुमार को निलंबित किए जाने के निर्देश दिए।प्रकरण के अनुसार, दिनांक 07 अक्टूबर 2026 को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में श्रीमती प्रियंका सोनकर द्वारा शिकायत प्रस्तुत की गई थी कि ग्राम मोहम्मद नगर ग्रिण्ट निवासी श्रीमती सुमन के पक्ष में संबंधित लेखपाल द्वारा मात्र 09 दिवस की अवधि में बिना भौतिक सत्यापन किए तीन अलग-अलग रिपोर्ट प्रस्तुत की गईं, जिनमें वार्षिक आय अलग-अलग दर्शाई गई थी।उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी द्वारा संबंधित लेखपाल के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए।लेखपाल द्वारा बिना समुचित स्थलीय सत्यापन के अलग-अलग आय संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के कृत्य को शासकीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही एवं कर्मचारी आचरण नियमावली के प्रतिकूल मानते हुए श्री दीपक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।निलंबन अवधि में संबंधित लेखपाल को रजिस्ट्रार कार्यालय, उतरौला से संबद्ध किया गया है। साथ ही तहसीलदार उतरौला को जांच अधिकारी नामित करते हुए संबंधित लेखपाल के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई संस्थित करने हेतु आरोप पत्र तैयार किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने स्पष्ट किया कि जनसामान्य से संबंधित प्रकरणों में किसी भी स्तर पर लापरवाही एवं अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जिम्मेदारी के साथ सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक प्रकरण में तथ्यों का समुचित परीक्षण एवं आवश्यकतानुसार स्थलीय सत्यापन करते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।