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डीएम की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला पोषण समिति की बैठक संपन्न

रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर

बलरामपुर।जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला पोषण समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित पोषण एवं स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए गए।बैठक में जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित पोषण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए सभी पात्र लाभार्थियों का फेस रिकॉग्नाइजेशन आधारित सत्यापन शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोषाहार वितरण पूरी तरह पारदर्शी, नियमित एवं समयबद्ध ढंग से किया जाए ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ मिल सके।जिलाधिकारी ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए केंद्रों में बाल विकास उन्मुख ‘बाला वाल पेंटिंग’ कराने के निर्देश दिए। साथ ही कुपोषण मुक्ति के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ाने तथा अधिक से अधिक बच्चों को उपचार व निगरानी के दायरे में लाने को कहा।जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान, जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत योजना, वीएचएसएनडी सत्र, परिवार नियोजन कार्यक्रम, आभा आईडी सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने मातृ एवं शिशु मृत्यु से संबंधित मामलों की डिटेल ऑडिट रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक केस की गहन समीक्षा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु प्रभावी रणनीति बनाई जाए।बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में कोई भी अवैध नर्सिंग होम संचालित न हो। सभी पंजीकृत निजी चिकित्सालयों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तथा प्रत्येक निजी अस्पताल से प्रसव संबंधी डाटा नियमित रूप से प्राप्त किया जाए।उन्होंने कहा कि जनपद में कोई भी डिलीवरी मिसिंग न रहे और सभी नवजात बच्चों का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने ग्राम स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने तथा कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करते हुए संविदा समाप्त करने की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए।उन्होंने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ओपीडी बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने तथा आमजन को अधिकाधिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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