डीएम ने किया निर्माणाधीन माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय का औचक निरीक्षण
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए कड़े निर्देश
बलरामपुर।जिलाधिकारी डॉ विपिन कुमार जैन ने आज जनपद की महत्त्वाकांक्षी परियोजना माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसर का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया तथा कार्यदायी संस्था को मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एकेडमिक ब्लॉक, एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक एवं छात्रावास (हॉस्टल) का भ्रमण कर निर्माण कार्यों की स्थिति देखी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था से कहा कि यह परियोजना जनपद के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे शीर्ष प्राथमिकता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण करें।जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य पूर्ण हो। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने फिनिशिंग कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि पेंटिंग, फ्लोरिंग, विद्युत, प्लंबिंग तथा अन्य अंतिम चरण के कार्यों में अतिरिक्त जनशक्ति लगाकर तेजी लाई जाए।साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक कक्षा की उपयोगिता के अनुरूप फर्नीचर की उपलब्धता समय से सुनिश्चित की जाए, जिससे आगामी शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे लैंडस्केप एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का भी जायजा लिया और निर्देश दिए कि परिसर को सुव्यवस्थित, आकर्षक एवं हरित वातावरणयुक्त बनाने के लिए नियोजित रूप से कार्य किया जाए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा की मुख्यमंत्री द्वारा दी गई समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराया जाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित अनुश्रवण करने तथा कार्यदायी संस्था से सतत समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही अथवा धीमी प्रगति पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।इस दौरान संबंधित अधिकारी, कर्मचारीगण उपस्थित रहें।