डीएम की अध्यक्षता में जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
खरीफ सीजन में उर्वरकों के सुचारु एवं पारदर्शी वितरण को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश
निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों के संचालन समय निर्धारण एवं निष्क्रिय निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश
सहकारी समितियों पर पंजीकृत कृषकों की संख्या बढ़ाए जाने हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश
बलरामपुर।जिलाधिकारी डॉ विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक कलेक्ट्रेट में सम्पन्न हुई। बैठक में आगामी खरीफ सीजन के दौरान निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों एवं सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उर्वरकों के सुचारु, सुगम एवं पारदर्शी वितरण की व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में जनपद के उर्वरक थोक विक्रेता भी उपस्थित रहे।बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि खरीफ सीजन में जनपद के सभी निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों के संचालन हेतु समय निर्धारित किया जाए, जिससे किसानों को निर्धारित समय पर सुविधा मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निजी उर्वरक बिक्री केंद्र प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से अपराह्न 04 बजे तक अनिवार्य रूप से खुले रहें।जिलाधिकारी ने पिछले वर्षों के उर्वरक बिक्री संबंधी आंकड़ों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे निजी उर्वरक बिक्री केंद्र, जो नियमित रूप से उर्वरक बिक्री नहीं कर रहे हैं अथवा निष्क्रिय पाए जा रहे हैं, उन्हें चिन्हित करते हुए उनके लाइसेंस निरस्त किए जाने की कार्यवाही की जाए, ताकि वास्तविक रूप से कार्यरत विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को समय से उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके।उन्होंने सहकारी समितियों की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान में लगभग 52 हजार कृषक समितियों पर पंजीकृत हैं। कृषकों को अधिक से अधिक सहकारी व्यवस्था से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाते हुए पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़ाकर 1 लाख तक किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए।जिलाधिकारी ने उर्वरक थोक विक्रेताओं से कहा कि सभी विक्रेता पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा कालाबाजारी की शिकायत प्राप्त होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।बैठक में उपनिदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, एआर कोऑपरेटिव, इफको के जिला समन्वयक सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।