स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब होंगे पोस्टपेड, मई की रीडिंग पर जून में जारी होगा बिल
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
उपभोक्ताओं को बकाया भुगतान में बड़ी राहत, घरेलू उपभोक्ता 10 किस्तों में जमा कर सकेंगे बकाया राशि
15 मई से 30 जून तक लगाए जाएंगे विशेष शिकायत निवारण कैंप
बलरामपुर।उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा आरडीएसएस योजना के अंतर्गत स्थापित स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किए जाने का निर्णय लिया गया है। अधीक्षण अभियंता विद्युत अजय कुमार ने बताया कि यह परिवर्तन मुख्यालय स्तर पर आरएमएस (RMS) बैकएंड के माध्यम से स्वतः किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को और अधिक सुविधाजनक एवं व्यवस्थित बिलिंग व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।उन्होंने बताया कि माह मई-2026 की ऊर्जा खपत का बिल जून-2026 में पोस्टपेड पद्धति से जारी किया जाएगा। सभी उपभोक्ताओं को बिल एसएमएस एवं व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक माह की 10 तारीख तक बिल जनरेट किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। यदि किसी तकनीकी कारण से ऑटोमैटिक रीडिंग प्राप्त नहीं हो पाती है, तो मैनुअल रीडिंग के आधार पर भी निर्धारित तिथि तक बिल उपलब्ध कराया जाएगा।अधीक्षण अभियंता ने बताया कि प्रीपेड व्यवस्था के दौरान समायोजित की गई सिक्योरिटी धनराशि को अब कॉस्ट डाटा बुक-2026 के अनुसार पुनः लिया जाएगा। उपभोक्ताओं को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से यह राशि जून-2026 के बिल से प्रारंभ होकर चार समान मासिक किस्तों में जोड़ी जाएगी।उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करते हुए विभाग द्वारा बकाया भुगतान के लिए विशेष सुविधा भी दी गई है। घरेलू उपभोक्ता 30 अप्रैल 2026 तक के बकाये (ब्याज सहित) को 10 आसान किस्तों में जमा कर सकेंगे। वहीं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को बकाया राशि जमा करने हेतु 3 किस्तों (40%, 30%, 30%) की सुविधा प्रदान की गई है।स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता एवं उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष काउंटर एवं शिकायत निवारण कैंप लगाए जाएंगे।उन्होंने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता को समय से बिल प्राप्त नहीं होता है, तो विभागीय व्हाट्सएप चैटबॉट अथवा टोल फ्री नंबर 1912 के माध्यम से भी बिल प्राप्त किया जा सकता है।अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने समस्त उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे नई व्यवस्था का लाभ उठाएं तथा किसी भी समस्या की स्थिति में विभागीय सहायता सेवाओं का उपयोग करें।