राधेश्याम वर्मा ने कचनार का पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
वन महोत्सव अभियान में निभाई सक्रिय भागीदारी
उतरौला, बलरामपुर।प्रदेश में चल रहे वृहद वृक्षारोपण अभियान एवं वन महोत्सव के क्रम में रविवार को सोनबरसा आश्रम में भारतीय जनता पार्टी के उतरौला विधानसभा के भावी प्रत्याशी एवं एनएमओ (नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन) बलरामपुर के जिला अध्यक्ष राधेश्याम वर्मा ने कोविदार (कचनार) का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प भी दोहराया।राधेश्याम वर्मा ने कहा कि वृक्ष केवल हरियाली का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन के सबसे मजबूत आधार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाया जा रहा वृहद वृक्षारोपण अभियान और वन महोत्सव केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण देने का जनआंदोलन है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि कोविदार (कचनार) भारतीय संस्कृति और प्रकृति दोनों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण वृक्ष है। वसंत ऋतु में इसके आकर्षक गुलाबी, बैंगनी और सफेद पुष्प वातावरण को मनमोहक बना देते हैं। यह वृक्ष न केवल सौंदर्य बढ़ाता है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण, पक्षियों और मधुमक्खियों के लिए उपयोगी आवास उपलब्ध कराने तथा पर्यावरण को शुद्ध रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयुर्वेद में भी कचनार के विभिन्न भागों का विशेष महत्व माना गया है।पौधारोपण के उपरांत सोनबरसा आश्रम के पूज्य महंत छोटे बाबा ने राधेश्याम वर्मा को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राधेश्याम वर्मा ने भी महंत जी को अंगवस्त्र एवं भगवान गुरु गोरक्षनाथ का चित्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। दोनों ने पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और जनसेवा जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया।राधेश्याम वर्मा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों का संरक्षण भी पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाए।