एफएमडी निःशुल्क टीकाकरण का शुभारंभ,1.97 लाख पशुओं का होगा टीकाकरण
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
महंत देवीपाटन मंदिर, डीएम एवं सीडीओ ने तहसील तुलसीपुर से अभियान वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
बलरामपुर।राष्ट्रीय पशुधन नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद बलरामपुर में संचालित होने वाले एफएमडी (फुट एंड माउथ डिजीज) निःशुल्क टीकाकरण अभियान का शुभारंभ बुधवार को तहसील तुलसीपुर से किया गया। अभियान का शुभारंभ महंत जी देवीपाटन मंदिर मिथिलेश नाथ योगी,जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन तथा मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने संयुक्त रूप से टीकाकरण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए किया।यह विशेष अभियान 22 जुलाई से 07 अगस्त, 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत जनपद के लगभग 1 लाख 97 हजार गोवंश एवं महिषवंशीय पशुओं का निःशुल्क एफएमडी टीकाकरण किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य पशुओं को फुट एंड माउथ डिजीज जैसी संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखना, पशुधन की उत्पादकता बढ़ाना तथा पशुपालकों की आजीविका को सुदृढ़ करना है।अभियान के शुभारंभ के उपरांत जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने तहसील तुलसीपुर में अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की तैयारियों एवं कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की।उन्होंने कहा कि एफएमडी टीकाकरण अभियान पशुधन संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अभियान को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ संचालित किया जाए, ताकि जनपद का कोई भी पात्र पशु टीकाकरण से वंचित न रहे।बैठक के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत प्रत्येक टीकाकरण की जियो-टैग्ड फोटो ली जाएगी तथा उसे पशुधन ऐप पर तत्काल अपलोड किया जाएगा, जिससे अभियान की ऑनलाइन मॉनिटरिंग एवं पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक टीम के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए तथा क्षेत्रवार लक्ष्य निर्धारित कर अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी टीकाकरण दल निर्धारित समय पर अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर शत-प्रतिशत पशुओं का टीकाकरण सुनिश्चित करें। साथ ही पशुपालकों को एफएमडी रोग से बचाव, समय पर टीकाकरण के महत्व एवं पशुधन संरक्षण के संबंध में भी जागरूक किया जाए।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान की नियमित निगरानी की जाए जिससे शासन की मंशा के अनुरूप अभियान के सभी लक्ष्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जा सकें।इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।