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रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर

तहसील सदर में ग्राम बेल्हा एवं करमहना व गैसड़ी में ग्राम कोइलखार व सहियापुर में आयोजित हुई बाढ़ राहत चौपाल

राहत चौपाल में गामीणों को बाढ़ से बचाव के बारे में किया गया जागरूक

बलरामपुर।डीएम विपिन कुमार जैन के निर्देशन में जनपद के बाढ़ के दृष्टिगत संवेदनशील ग्रामों में राहत एवं बचाव दलों द्वारा बाढ़ राहत चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। जनपद में तैनात राहत एवं बचाव दलों द्वारा ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों को बाढ़ आपदा समेत अन्य आपदाओं से निपटने हेतु पूर्व तैयारियों, बचाव के उपायों आदि के बारे में जानकारी दी जा रही है।शनिवार को तहसील तुलसीपुर अन्तर्गत ग्राम कोइलखार एवं सेहियापुर में राज्य आपदा मोचन बल द्वारा तथा ग्राम बेल्हा एवं करमहना में फ्लड पीएसी 30वीं वाहिनीं गोण्डा द्वारा जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीणों को बाढ़ आपदा से निपटने के लिए क्या करें-क्या न करें एवं अन्य सावधानियों तथा तैयारियों के बारे में विस्तार से बताया गया है।राहत चौपाल में ग्रामीणों को बताया गया कि जिला प्रशासन एंव मौसम विभाग द्वारा एलर्ट प्राप्त होने पर बाढ़ आने से पहले अपने जरूरी सामान तैयार रखें जिसमें सूखा राशन, पीने का पानी, दवाएं, टॉर्च, बैटरी, जरूरी कागज प्लास्टिक में बंद करके ऊंची जगह पर रखें। घर की सुरक्षा के लिए बिजली का मेन स्विच, गैस सिलेंडर बंद कर देना चाहिए। अपने कीमती सामान व मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करना चाहिए। रेडियो, टीवी व प्रशासनिक सूचना पर नजर रखें और अफवाहों पर ध्यान न हीं देना चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों के पास जिला कंट्रोल रूम, स्टेट हेल्प लाइन के नंबर जरूर रहें। बाढ़ के दौरान सुरक्षित स्थान पर जाएं एवं प्रशासन द्वारा चिन्हित राहत शिविर या ऊंचे स्थान पर शरण लेना चाहिए। बिजली के उपकरण बंद कर दें ताकि शॉर्ट सर्किट का खतरा न रहे। बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें और बाढ़ की स्थिति में पहले उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। मदद के लिए हेल्पलाइन पर सूचना दें एवं फंसे होने पर 108 एम्बुलेंस या जिला कन्ट्रोल रूम के नम्बर 05263-1077 या 9170277336 पर कॉल करें। राहत चैपाल में बताया गया कि बाढ़ के पानी में न चलें और न ही कच्चे व जर्जर मकान में रहें। गंदा पानी न पिएं, केवल उबला हुआ या क्लोरीन युक्त पानी ही पिएं। आपदा के दौरान तांत्रिक ओझा के चक्कर में न पड़ें बल्कि तुरंत अस्पताल जाएं। बाढ़ के बाद घर लौटने से पहले दीवार, बिजली के तारों की जांच कर लें। कीचड़ व मरे जानवरों की सफाई कराएं। बुखार, उल्टी, दस्त होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं। महत्वपूर्ण हेल्पलाइन सम्पर्क कर मदद प्राप्त करें।प्रशिक्षण में एसडीआरफ प्रभारी कार्तिकेय मिश्रा की अगुवाई में एसडीआरएफ टीम तथा फ्लड पीएसी प्रभारी चुम्मन दूबे, मास्टर ट्रेनर रमजान अली अंसारी, सम्बन्धित ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव, लेखपाल एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

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