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आय, रोजगार और पोषण सुरक्षा का मजबूत माध्यम बनीं पशुपालन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाएं

रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर

मुख्यमंत्री सहभागिता योजना से परिवारों को आय और पोषण सुरक्षा, नन्द बाबा दुग्ध मिशन से बढ़ रहा दुग्ध उत्पादन

बलरामपुर।जनपद में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना, नन्द बाबा दुग्ध मिशन, कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, कुक्कुट विकास नीति, बकरी एवं भेड़ पालन योजनाओं तथा मोबाइल वेटनरी यूनिट (एमवीयू) जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि, पशुधन का संरक्षण एवं नस्ल सुधार, रोजगार सृजन तथा ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री सहभागिता योजना बनी पशुपालकों के लिए आय का मजबूत आधार।मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत गो संरक्षण केन्द्रों में संरक्षित गोवंशों को इच्छुक एवं पात्र पशुपालकों को सुपुर्द किया जाता है। गोवंश के भरण-पोषण हेतु सरकार द्वारा प्रति गोवंश ₹1,500 प्रतिमाह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।योजना के अंतर्गत एक लाभार्थी अधिकतम चार गोवंश प्राप्त कर सकता है, जिससे उसे ₹6,000 प्रतिमाह तथा ₹72,000 प्रतिवर्ष तक की प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता मिलती है। यह योजना ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ-साथ गोसंरक्षण को भी जनभागीदारी से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है।जनपद के सभी विकास खण्डों में अब तक गो संरक्षण केंद्र से 219 पशुपालकों को 313 गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। विशेष अभियान के अंतर्गत 31 कुपोषित बच्चों के परिवारों को 49 गोवंश उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उन्हें पोषण सुरक्षा के साथ-साथ स्थायी आजीविका का भी आधार मिला है। योजना के अंतर्गत जून 2026 तक देय समस्त भरण-पोषण सहायता राशि का समयबद्ध भुगतान भी सुनिश्चित किया जा चुका है।योजना का लाभ लेने के इच्छुक पात्र पशुपालक अपने निकटतम राजकीय पशु चिकित्सालय में निर्धारित प्रारूप पर आवेदन कर योजना से जुड़ सकते हैं।
नन्द बाबा दुग्ध मिशन से देशी नस्लों को बढ़ावा।प्रदेश सरकार द्वारा संचालित नन्द बाबा दुग्ध मिशन के माध्यम से देशी गोवंश के संरक्षण एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से आकर्षक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 25 देशी गायों की इकाई स्थापित करने पर ₹62.50 लाख की परियोजना लागत पर 50 प्रतिशत अर्थात ₹31.25 लाख तक का अनुदान दिया जा रहा है।मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत 10 देशी गायों की इकाई पर ₹23.60 लाख की परियोजना लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है।मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत दो देशी गायों की स्थापना पर 40 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उन्नत नस्ल की देशी गायों से प्रतिदिन 10 से 15 लीटर अथवा उससे अधिक दुग्ध उत्पादन करने वाले पशुपालकों को ₹10,000 से ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।कृत्रिम गर्भाधान से बेहतर नस्ल और अधिक दुग्ध उत्पादन।पशुओं की नस्ल सुधार एवं दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से जनपद में राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। मात्र ₹100 के रियायती शुल्क पर उपलब्ध इस सुविधा से उच्च गुणवत्ता वाली नस्ल तैयार हो रही है, जिससे पशुपालकों की आय बढ़ने के साथ अनुपयोगी नर पशुओं की समस्या के समाधान में भी सहायता मिल रही है।कुक्कुट विकास नीति से बढ़ रहा रोजगार और अंडा उत्पादन।कुक्कुट विकास नीति के अंतर्गत व्यावसायिक लेयर फार्मों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 10 हजार से 90 हजार पक्षी क्षमता वाले फार्मों के लिए 70 प्रतिशत बैंक ऋण पर 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ स्टाम्प शुल्क एवं विद्युत शुल्क में भी छूट प्रदान की जा रही है।ग्रामीण क्षेत्रों की अनुसूचित जाति की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के अंतर्गत 50 चूजे, 50 किलोग्राम दाना तथा बाड़ा निर्माण हेतु आर्थिक सहायता पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।बकरी पालन और मोबाइल वेटनरी यूनिट से ग्रामीणों को बड़ी राहत।भूमिहीन, निर्धन एवं विधवा महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से 5 मादा एवं 1 नर बकरी यूनिट पर 90 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आय का स्रोत प्राप्त हो रहा है।वहीं, मोबाइल वेटनरी यूनिट (एमवीयू) के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों के घर तक पशु चिकित्सा सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। इन वाहनों द्वारा पशुओं का उपचार, टीकाकरण तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराकर पशुधन के स्वास्थ्य संरक्षण को सुदृढ़ बनाया जा रहा है।पशुपालन विभाग ने जनपद के सभी इच्छुक किसानों एवं पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने निकटतम राजकीय पशु चिकित्सालय से संपर्क कर इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं तथा अपनी आय एवं आजीविका को सशक्त बनाएं।

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