डीएम की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
जनपद की तीनों तहसीलों में बनाए जाएंगे होल्डिंग एरिया, सड़क सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन को मिलेगा बढ़ावा
बलरामपुर।जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में दिनांक 30 अक्टूबर, 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई।बैठक में जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा उपायों, यातायात व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, सड़क सुरक्षा नियमों के अनुपालन तथा सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराए जाने सहित विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने माह में हुई सड़क दुर्घटनाओं की विस्तृत ऑडिट करते हुए दुर्घटनाओं के कारणों एवं उनके निवारण हेतु की गई कार्यवाहियों की समीक्षा की।इस दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) द्वारा अवगत कराया गया कि माह में हुई सभी सड़क दुर्घटनाओं की स्थलीय जांच कराई गई है। प्रत्येक दुर्घटना के कारणों का पता लगाते हुए आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्यवाही की गई है।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं की केवल संख्या की समीक्षा तक सीमित न रहकर उनके वास्तविक कारणों का विश्लेषण किया जाए तथा दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। सड़क की बनावट, संकेतक, दृश्यता, तेज रफ्तार, ओवरस्पीडिंग तथा यातायात नियमों के उल्लंघन जैसे कारणों पर विशेष ध्यान दिया जाए।बैठक में जनपद की तीनों तहसीलों बलरामपुर सदर, उतरौला एवं तुलसीपुर में होल्डिंग एरिया बनाए जाने के संबंध में महत्वपूर्ण चर्चा की गई।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि तीनों तहसीलों में उपयुक्त स्थानों का चयन कर होल्डिंग एरिया विकसित किए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इससे भारी वाहनों के व्यवस्थित ठहराव, यातायात प्रबंधन एवं सड़क सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। विशेष रूप से नगरीय क्षेत्रों में अनावश्यक जाम की स्थिति को रोकने तथा यातायात को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया गया।जिलाधिकारी ने जनपद में चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों एवं ब्लैक स्पॉट पर किए गए सुधारात्मक कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग को आपसी समन्वय से दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक सड़क सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक हो, वहां चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर, रोड मार्किंग, स्पीड नियंत्रण संबंधी संकेतक तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। दुर्घटनाओं के कारणों के अनुरूप स्थायी समाधान को प्राथमिकता दी जाए।बैठक में बलरामपुर से बढ़नी मार्ग सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाहियों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।बैठक में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित एवं प्रभावी चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में भी समीक्षा की गई।अवगत कराया गया कि पीएम राहत कोष के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने की योजना के तहत जनपद में अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को बिना अनावश्यक विलंब के चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग एवं संबंधित अस्पतालों के मध्य बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए, जिससे दुर्घटना के बाद महत्वपूर्ण समय में घायलों को समुचित उपचार मिल सके।बैठक में राहवीर योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता कर उन्हें समय से अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने एवं उनकी जान बचाने में सहयोग करने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर राहवीर योजना के अंतर्गत पुरस्कृत किए जाने की कार्यवाही की जाए।साथ ही योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इसके बारे में जागरूक हों तथा दुर्घटना के समय घायलों की सहायता के लिए आगे आएं।बैठक में स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर विद्यालयों में संचालित वाहनों के सुरक्षा मानकों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्कूल वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए तथा आवश्यक जांच एवं सत्यापन की कार्यवाही नियमित रूप से की जाए।उन्होंने विद्यालयों में सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा विद्यार्थियों को यातायात नियमों, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।जिलाधिकारी ने परिवहन एवं पुलिस विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध की जा रही प्रवर्तन कार्यवाही की समीक्षा की।उन्होंने निर्देश दिए कि ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग तथा गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।इसके अतिरिक्त सड़क किनारे अनाधिकृत पार्किंग एवं अतिक्रमण से उत्पन्न यातायात संबंधी समस्याओं के निराकरण तथा प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा संकेतकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग को समन्वित रूप से कार्य करना होगा।उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैठक में निर्धारित एजेंडा बिंदुओं पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा आगामी बैठक में अनुपालन की अद्यतन प्रगति प्रस्तुत की जाए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।