राष्ट्रीय एकता दिवस” पर रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम के तहत किया गया दौड़ का आयोजन
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम के तहत पुलिसकर्मियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया तथा राष्ट्रीय एकता, अखण्डता व सहयोग तथा भाईचारे की भावना को बनाए रखने हेतु संकल्प लिया
बलरामपुर।आज दिनांक 31 अक्टूबर, 2026 को लौह पुरुष, सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती “राष्ट्रीय एकता दिवस” के अवसर पर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के पर्यवेक्षण, व क्षेत्राधिकारी उतरौला,लाइन डॉ0 जितेन्द्र कुमार द्वारा “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को चरितार्थ करते हुए हमारे देश की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा को संरक्षित और सशक्त करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जनपद बलरामपुर में “Run For Unity” कार्यक्रम के तहत हरी झण्डी दिखाते हुए रिजर्व पुलिस लाइन बलरामपुर से फुलवरिया बाईपास होते हुए चीनी मिल, भगौतीगंज बलरामपुर तक कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। “Run For Unity” कार्यक्रम के अग्र भाग में स्वयं क्षेत्राधिकारी उतरौला,लाइन डॉ0 जितेंद्र कुमार , प्रतिसार निरीक्षक बिहारी सिंह यादव , यातायात प्रभारी बलरामपुर व अन्य अधिकारी कर्मचारी गण के साथ “राष्ट्रीय एकता दिवस” के झण्डे के साथ प्रतिभाग किया गया।सभी प्रतिभागियों द्वारा “Run For Unity” के तहत आमजन को देश की एकता, भाईचारे तथा सुदृढ़ कानून-व्यवस्था का संदेश दिया गया । इस दौरान अधिकारियों ने सरदार वल्लभभाई पटेल जी के राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान का स्मरण करते हुए उनके विचारों का अनुकरण करने का आह्वान किया । पूरे आयोजन के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा यातायात, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखा गया तथा कार्यक्रम को शांति एवं अनुशासन के साथ संपन्न कराया गया।तत्पश्चात क्षेत्राधिकारी द्वारा समस्त प्रतिभागियों को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को आत्मसात करने एवं राष्ट्र की एकता, अखण्डता तथा भाईचारे की भावना को बनाए रखने हेतु राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलवाई गई तथा क्षेत्राधिकारी द्वारा संबोधित करते हुए कहा गया कि सरदार पटेल जी केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी दूरदर्शिता, संगठन कौशल एवं दृढ़ संकल्प के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने देश को एकता के सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया। उनके विचार आज भी “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त बनाते हैं।