लौकिया धाम की रामलीला में धनुष टूटा
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
72 साल से चल रही परंपरा में राम-सीता विवाह और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन
सादुल्लाहनगर,बलरामपुर।बलरामपुर के लौकिया धाम में आदर्श रामलीला के दौरान धनुषयज्ञ और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन किया गया। रामलीला की यह परंपरा 72 साल से चल रही है। मंचन के लिए मंडलियां अयोध्याधाम से आती हैं।रामलीला का आयोजन बाबा यूथ ब्रिगेड के तत्वावधान में हो रहा है। महंत वीरेंद्र दास महाराज, पीठाधीश्वर जानकी कुंज, अयोध्याधाम (लौकिया बाबा) के मार्गदर्शन में इसका प्रबंधन किया जा रहा है। मंचन में राजा जनक के सीता स्वयंवर का दृश्य दिखाया गया।देश-विदेश से आए राजाओं ने भगवान शिव के धनुष को उठाकर उसकी प्रत्यंचा चढ़ाने की कोशिश की, लेकिन कोई सफल नहीं हुआ। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम ने धनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते ही वह टूट गया। इसके बाद माता सीता ने श्रीराम को वरमाला पहनाई।धनुष टूटने की खबर सुनकर भगवान परशुराम स्वयंवर सभा में पहुंचे और नाराजगी जताई। इस दौरान लक्ष्मण और परशुराम के बीच संवाद हुआ। भगवान श्रीराम ने विनम्रता से स्थिति को शांत किया।रामलीला कमेटी, लौकिया ताहिर के सदस्य आनंद कुमार ओझा, नंदलाल यादव, श्याम नारायण, उमेश कुमार यादव, कुलई यादव, मनोज यादव, उमेश यादव, सुनील यादव, पवन कुमार और सेतू कुमार आयोजन में सहयोग कर रहे हैं। मंचन में श्रीराम की मर्यादा, लक्ष्मण के वीर स्वभाव और परशुराम के व्यक्तित्व को दिखाया गया। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष विष्णु प्रताप गुप्ता, मंडल महामंत्री राधेश्याम गुप्ता, राम लोटन गुप्ता, रामबहैर वर्मा, विनोद शास्त्री, उमेश श्रीवास्तव और कृष्णा पांडेय सहित कई लोग मौजूद रहे।