प्रसव पीड़ा में निजी अस्पताल भेजी गई गर्भवती, मां-बच्चे की मौत, अस्पताल सील
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
सादुल्लानगर (बलरामपुर)। प्रसव पीड़ा से जूझ रही गर्भवती महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से कथित रूप से निजी अस्पताल भेजे जाने के बाद मां और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। मृतका के पति ने सीएचसी में तैनात एक संविदा चिकित्सक और निजी अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
कुरुथुवा खानपुर निवासी अनिल कुमार के अनुसार उनकी पत्नी ममता देवी (27) गर्भवती थीं। बुधवार को प्रसव पीड़ा होने पर 102 एंबुलेंस से उन्हें सीएचसी सादुल्लानगर लाया गया। आरोप है कि वहां मौजूद संविदा चिकित्सक ने उनकी पत्नी को अपने निजी अस्पताल एच.एफ. हेल्थ केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराने की सलाह दी।अनिल का आरोप है कि डॉक्टर के कहने पर वह पत्नी को निजी अस्पताल ले गया, जहां उपचार के दौरान ग्लूकोज और इंजेक्शन लगाए गए। करीब एक घंटे बाद ममता की हालत बिगड़ने लगी और उनके मुंह से झाग निकलने लगा। इसके बाद अस्पताल कर्मियों ने उन्हें तत्काल सरकारी अस्पताल ले जाने को कहा।पीड़ित के मुताबिक वह पत्नी को लेकर दोबारा सीएचसी पहुंचा, जहां से एंबुलेंस द्वारा घर भेज दिया गया। रास्ते में सहजौरा के पास पहुंचते ही ममता और गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।सीएचसी सादुल्लानगर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजयभान ने बताया कि महिला को दूसरी बार अस्पताल लाए जाने तक उसकी रास्ते में ही मौत हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित किया गया।थाना अध्यक्ष सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।उधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी। सीएचसी सादुल्लानगर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजयभान के नेतृत्व में की गई जांच के दौरान प्रथम दृष्टया अनियमितताएं पाए जाने पर गुरुवार देर शाम एच.एफ. हेल्थ केयर हॉस्पिटल को सील कर दिया गया। अस्पताल में चिकित्सा गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।