राज्य महिला आयोग की सदस्य ने महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों में किया प्रतिभाग
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के तहत नवजात बालिकाओं को बेबी किट, मिठाई एवं बधाई पत्र वितरित
स्वास्थ्य शिविर में महिलाओं को मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं नियमित जांच के प्रति किया जागरूक
बलरामपुर।उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती जनक नंदिनी ने बुधवार को जनपद के भ्रमण के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं के कल्याण, सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की।तहसील सभागार, उतरौला में आयोजित महिला जनसुनवाई के दौरान माननीय सदस्य राज्य महिला आयोग श्रीमती जनक नंदिनी के समक्ष महिलाओं से संबंधित कुल 07 प्रकरण प्रस्तुत हुए। उन्होंने प्रत्येक मामले को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न एवं अधिकारों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।इसके उपरांत जिला महिला चिकित्सालय में नवजात बालिकाओं का स्वागत करते हुए “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के अंतर्गत जन्म लेने वाली बालिकाओं के परिजनों को बेबी किट, मिठाई एवं बधाई पत्र वितरित किए तथा कन्या जन्म को समाज के लिए गर्व और सम्मान का विषय बताते हुए बेटियों की शिक्षा एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति सभी को जागरूक किया।उन्होंने कहा कि बेटियां की समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। सरकार द्वारा बालिकाओं के संरक्षण, शिक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचना चाहिए।इसके उपरांत सदस्य ने विकास खण्ड सभागार, बलरामपुर में आयोजित महिला जागरूकता जनचौपाल एवं स्वास्थ्य शिविर में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को महिला सुरक्षा, उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों, घरेलू हिंसा से संरक्षण, महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, मिशन शक्ति अभियान तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न महिला एवं बाल विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं जागरूक बनाना समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। प्रत्येक महिला को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए ताकि आवश्यकता पड़ने पर वह बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं संबंधित विभागों तक पहुंचा सके। उन्होंने महिलाओं से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा अन्य महिलाओं को भी इनके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
स्वास्थ्य शिविर के दौरान महिलाओं को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण तथा स्वच्छ जीवनशैली के महत्व के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी जानकारी साझा की गई तथा पात्र महिलाओं को योजनाओं से जोड़ने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।कार्यक्रम के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रोबेशन विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां तथा बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। सदस्य ने अधिकारियों से महिला कल्याण एवं सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक पात्र महिला तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी व अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहें।