भारत नेपाल बॉर्डर पर पकड़ा गया प्रतिबंधित संगठन
रिपोर्ट – सारिका शर्मा
“वारिस पंजाब दे” का वांछित अपराधी विक्रमजीत सिंह. एक अमेरिकी नागरिक और 3 मददगार भी हिरासत में
बहराइच।भारत-नेपाल सीमा पर स्थित थाना रूपईडीहा क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस ने एक संयुक्त और त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़े एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है साथ ही एक अमेरिकी नागरिक और 3 मददगारों को भी SSB ने हिरासत में लिया है जबकि एक अमेरिकी महिला और और बच्चे के वैध कागजात मिलने पर उन्हें छोड़ा गया है. यह कार्रवाई भारत-नेपाल सीमा के बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) पर चेकिंग के दौरान की गई पकड़े गए मुख्य आरोपियों में पंजाब के रूपनगर का रहने वाला विक्रमजीत सिंह शामिल है, जो वर्ष 2023 के अजनाला थाने पर हमले के मामले में लंबे समय से वांछित चल रहा था। आरोपी नेपाल में फर्जी पहचान और दस्तावेजों के सहारे छिपकर रह रहा था।जानकारी के मुताबिक एक इनोवा कार में 7 लोग सवार होकर नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश कर रहे थे तभी SSB की चेकिंग के दौरान दो लोगों के पास भारत में प्रवेश करने के वैध कागजात न मिलने पर SSB और पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला विक्रमजीत सिंह अमेरिकी नागरिक मनवीर सिंह ढिल्लों (मूल निवासी मोगा, पंजाब) के साथ बिना वैध वीजा के नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारतीय सीमा में 3 स्थानीय मददगारों के सहयोग से प्रवेश कर रहा था, जिसे सुरक्षा बलों ने स्थानीय मददगारों के साथ धर दबोचा पकड़े गए लोगों में मनवीर की पत्नी (अमेरिकी नागरिक) और बच्चे के पास वैध दस्तावेज होने के कारण उन्हें इमीग्रेशन नियमों के तहत वैध रूप से प्रवेश की अनुमति दी गई जबकि अवैध रूप से सीमा पार कराने और वाहन की व्यवस्था करने वाले स्थानीय तस्करों/मददगारों (सुरेश कुमार पाठक, दिलीप उपाध्याय और वाहन चालक राहुल कुमार) को भी हिरासत में लिया गया है।फिलहाल एसएसबी, स्थानीय पुलिस, खुफिया विभाग (IB/SB) और इमीग्रेशन की टीमें सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन संयुक्त पूछताछ कर रही हैं ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी खुलासा किया जा सके। एसपी बहराइच विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया पंजाब पुलिस को सूचना दे दी गई है इनके पास से फर्जी दस्तावेज बरामद हुआ है कुल पांच अभियुक्त है।