माडर्न शीला विद्यालय में गूंजे तर्कों के स्वर, ‘विज्ञान वरदान या अभिशाप’ पर हुआ जोरदार वाद-विवाद
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
मौर्या गंज बलरामपुर।माडर्न शीला विद्यालय मौर्यागंज में दिनांक 23/09/2026, दिन बुधवार को विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं अभिव्यक्ति कौशल के विकास के उद्देश्य से वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय “विज्ञान—वरदान या अभिशाप” रहा। विषय को लेकर विद्यार्थियों को दो पक्षों में विभाजित किया गया, जिसमें एक पक्ष ने विज्ञान को मानव जीवन के लिए वरदान बताते हुए अपने तर्क प्रस्तुत किए, जबकि दूसरे पक्ष ने विज्ञान के दुरुपयोग से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को रेखांकित करते हुए इसे अभिशाप के रूप में प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ अपने विचार रखे। विज्ञान के पक्ष में बोलने वाले विद्यार्थियों ने चिकित्सा, संचार, शिक्षा, कृषि, परिवहन एवं अंतरिक्ष विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में वैज्ञानिक प्रगति से हुए लाभों को अपने तर्कों का आधार बनाया। वहीं विपक्ष में बोलने वाले विद्यार्थियों ने प्रदूषण, तकनीक पर बढ़ती निर्भरता, साइबर अपराध, हथियारों के बढ़ते खतरे तथा विज्ञान के गलत उपयोग जैसी चुनौतियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।विद्यार्थियों के बीच विषय को लेकर रोचक एवं ज्ञानवर्धक तर्क-वितर्क देखने को मिला।प्रतिभागियों ने तथ्यों, उदाहरणों और तार्किक विचारों के माध्यम से अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का प्रयास किया। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, वक्तृत्व-कौशल, आत्मविश्वास एवं विषय की गहन समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।विद्यालय के प्रबंधक मस्तराम मौर्या ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों को केवल मंच पर बोलने का अवसर नहीं देतीं, बल्कि उनमें तर्क करने, सुनने और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता भी विकसित करती हैं।प्रधानाचार्य जी. पी. वर्मा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वाद-विवाद प्रतियोगिता विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है।उन्होंने प्रतिभागियों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय के विभिन्न पहलुओं को समझकर संतुलित एवं तार्किक दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए।प्रतियोगिता में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने निर्णायक एवं मार्गदर्शक की भूमिका निभाई।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य जी. पी. वर्मा जी के मार्गदर्शन में समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।कार्यक्रम में आर. आर. वर्मा, अमन गुप्ता, सौरभ वर्मा, दिलीप वर्मा, रीना सिंह, किरन चौहान, सरस्वती वर्मा, निशा मौर्या, निशा, अंजनी एवं प्रीति प्रजापति सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं की सक्रिय सहभागिता रही। शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें तर्कपूर्ण ढंग से अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।