स्टाम्प शुल्क में कमी पर डीएम का बड़ा एक्शन, कम मूल्यांकन वाले विलेखों पर कार्रवाई के आदेश
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
राजस्व क्षति पर जीरो टॉलरेंस: जिलाधिकारी ने तहसील उतरौला में संदिग्ध विलेखों की जांच कर दिए सख्त निर्देश
स्टाम्प चोरी रोकने के लिए डीएम सख्त, कम मूल्यांकन वाले मामलों में कार्रवाई शुरू
बलरामपुर।जनपद में स्टाम्प शुल्क की चोरी एवं करापवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन द्वारा तहसील उतरौला में उपनिबंधक कार्यालय उतरौला में पंजीकृत उच्च मूल्य के विलेखों की सघन जांच की गई। जांच के दौरान दो विलेखों में निर्माण कम दर्शाकर संपत्ति का मूल्यांकन किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर जिलाधिकारी ने तत्काल नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी द्वारा उपनिबंधक कार्यालय उतरौला के नगर क्षेत्र में पंजीकृत विलेख संख्या 4035/2026 (मालियत ₹63,54,000), 4170/2026 (मालियत ₹63,54,000) तथा 4602/2026 (मालियत ₹75,00,000) की विस्तार से जांच की गई। परीक्षण में पाया गया कि तीनों विलेख व्यवसायिक प्रकृति के थे तथा उनमें व्यवसायिक दरों के अनुसार स्टाम्प शुल्क जमा किया गया था।हालांकि जांच के दौरान नगर क्षेत्र के दो विलेखों में वास्तविक निर्माण की तुलना में कम निर्माण दर्शाकर संपत्ति का मूल्यांकन किए जाने की स्थिति सामने आई। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार विधिक कार्रवाई प्रारंभ करने तथा स्टाम्प शुल्क की संभावित क्षति का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने स्पष्ट कहा कि शासन के राजस्व हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बड़े मूल्य के विलेखों की नियमित एवं गहन जांच की जाए, प्रत्येक पंजीकरण का भौतिक एवं अभिलेखीय परीक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा मूल्यांकन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।उन्होंने कहा कि यदि किसी भी विलेख में स्टाम्प शुल्क की चोरी, कम मूल्यांकन, तथ्य छिपाने अथवा राजस्व क्षति पहुंचाने का प्रयास पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।साथ ही उपनिबंधक कार्यालयों में पंजीकरण प्रक्रिया की सतत निगरानी रखने तथा संदिग्ध प्रकरणों की प्राथमिकता के आधार पर जांच करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि करापवंचन रोकने के लिए नियमित निरीक्षण अभियान चलाए जाएं तथा ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर शासन के राजस्व हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।इस दौरान एसडीएम उतरौला मनोज कुमार , एआईजी स्टाम्प व अन्य संबंधित अधिकारी,कर्मचारीगण उपस्थित रहें।