औचक निरीक्षण में दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित, एक को कारण बताओ नोटिस
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
बलरामपुर।जनपद में किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा उर्वरक वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ विपिन कुमार जैन के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण एवं जांच अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अभियान के तहत निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बिक्री, कालाबाजारी, स्टॉक में गड़बड़ी तथा अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमित रूप से औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं।इसी क्रम में जिला कृषि अधिकारी उपेन्द्र नाथ खरवार एवं वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए (कृषि) द्वारा संयुक्त रूप से तहसील उतरौला के पेहर बाजार स्थित उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर दो उर्वरक विक्रेताओं के उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र निलंबित किए गए, जबकि एक विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।निरीक्षण के दौरान मैसर्स अमन खाद भंडार पेहर बाजार उतरौला पर टीम के पहुंचते ही विक्रेता दुकान बंद कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय किसानों ने बताया कि उन्हें यूरिया निर्धारित मूल्य से लगभग ₹350 प्रति बोरी अधिक कीमत पर बेची गई थी। विक्रेता के भाई ने बताया कि दुकान संचालक गोंडा गए हैं। विक्रेता की अनुपस्थिति के कारण स्टॉक एवं अभिलेखों का सत्यापन नहीं कराया जा सका। निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बिक्री तथा निरीक्षण से बचने के उद्देश्य से दुकान बंद कर भागने को गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित विक्रेता का उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।इसके बाद खुशहाली कृषि सेवा केन्द्र, पेहर, उतरौला का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन में मात्र 09 बोरी यूरिया उपलब्ध दर्ज मिली, जो भौतिक रूप से भी सही पाई गई। हालांकि प्रतिष्ठान पर स्टॉक बोर्ड एवं रेट बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाए गए, जो उर्वरक नियंत्रण आदेश के प्रावधानों का उल्लंघन है। इस पर संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।निरीक्षण के दौरान इस्माइल ट्रेडर्स, पेहर बाजार, उतरौला का भी औचक निरीक्षण किया गया। टीम के पहुंचने पर विक्रेता दुकान खोलकर मौके से चला गया, जिससे उपलब्ध स्टॉक एवं वितरण अभिलेखों का सत्यापन नहीं हो सका। निरीक्षण में सहयोग न करने तथा जांच कार्य में बाधा उत्पन्न करने को गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित विक्रेता का भी उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिया गया।जिला कृषि अधिकारी उपेन्द्र नाथ खरवार ने कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बिक्री, स्टॉक एवं वितरण में अनियमितता अथवा निरीक्षण कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। सभी उर्वरक विक्रेताओं को शासन द्वारा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करने, स्टॉक एवं रेट बोर्ड अद्यतन रखने तथा निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कृषक बंधुओं से अपील की कि वे उर्वरक खरीदते समय निर्धारित मूल्य की जानकारी अवश्य प्राप्त करें, प्रत्येक खरीद की रसीद लें तथा यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूलता है, किसी अन्य उत्पाद को अनिवार्य रूप से खरीदने का दबाव बनाता है अथवा किसी प्रकार की अनियमितता करता है तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को दें। शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।