यूरिया के लिए भटक रहे किसान, सर्वर ठप तो निजी दुकानों पर महंगी खाद; जांच के आदेश
रिपोर्ट -रमेश कुमार शर्मा
रेहरा बाजार।(बलरामपुर)। धान की फसल में टॉप ड्रेसिंग के सबसे अहम समय पर विकासखंड रेहरा बाजार के किसानों को यूरिया खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।साधन सहकारी समितियों पर सर्वर ठप होने से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। वहीं किसानों ने आरोप लगाया है कि इस स्थिति का फायदा उठाकर कुछ निजी दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर यूरिया बेच रहे हैं।क्षेत्र के किसान राम बहादुर, जगदेव, रघुवीर, कुंवरजीत, मुकेश कुमार समेत कई किसानों ने बताया कि वे खाद लेने के लिए सहकारी समितियों पर पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों ने सर्वर न चलने का हवाला देकर उन्हें वापस लौटा दिया। किसानों का कहना है कि धान की फसल में समय पर यूरिया डालना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में मजबूरी में उन्हें निजी दुकानों से 400 से 500 रुपये प्रति बोरी तक की कीमत देकर यूरिया खरीदनी पड़ रही है। इससे खेती की लागत बढ़ गई है और किसानों की आर्थिक परेशानी भी बढ़ रही है।किसानों का आरोप है कि यदि समय रहते समितियों पर सर्वर की समस्या दूर कर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध करा दी जाती, तो उन्हें महंगे दाम पर खाद खरीदने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।किसानों ने प्रशासन से सहकारी समितियों की व्यवस्था दुरुस्त कराने, पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने तथा निजी दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।इस संबंध में जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में कालाबाजारी अथवा किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।धान की फसल के इस महत्वपूर्ण चरण में यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अब किसानों की निगाहें प्रशासन की जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।