फिरोज पप्पू हत्याकांड में पूर्व सपा सांसद रिजवान जहीर समेत तीन बरी
रिपोर्ट – ब्यूरो बलरामपुर
बलरामपुर/तुलसीपुर।तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन फिरोज अहमद उर्फ पप्पू हत्याकांड में शुक्रवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने पूर्व सपा सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज नेमत को मामले में दोषमुक्त कर दिया।यह फैसला ऐसे समय आया है, जब करीब साढ़े चार साल से अधिक समय से चल रहे इस चर्चित हत्याकांड में अभियोजन और बचाव पक्ष की अंतिम बहस पूरी हो चुकी थी। इससे पहले अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए 7 अगस्त 2026 की तारीख तय की थी। 4 जनवरी 2022 की रात हुई थी हत्या तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन फिरोज अहमद उर्फ पप्पू की 4 जनवरी 2022 की रात करीब 10:20 बजे तुलसीपुर-जरवा मार्ग पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। पुलिस की विवेचना के बाद पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज नेमत समेत आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।इसके बाद मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में विचाराधीन रहा। लंबे समय तक चली सुनवाई मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विभिन्न साक्ष्यों और दलीलों को अदालत के सामने रखा गया, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों का विरोध किया। जुलाई 2026 में अभियोजन और बचाव पक्ष की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। इसके बाद अदालत ने निर्णय के लिए 7 अगस्त की तारीख निर्धारित की थी। शुक्रवार को फैसला आने के साथ ही रिजवान जहीर, जेबा रिजवान और रमीज नेमत के खिलाफ इस मुकदमे में बड़ी कानूनी राहत मिली।
तीनों को मिली बड़ी राहत
अदालत के फैसले के बाद रिजवान जहीर, जेबा रिजवान और रमीज नेमत को फिरोज पप्पू हत्याकांड में दोषमुक्त कर दिया गया। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि दोषमुक्त किए जाने का अर्थ अदालत द्वारा इस मामले में अभियोजन के आरोपों को साबित न मानना है; इसे किसी अन्य मामले में स्वतः दोषमुक्ति नहीं माना जा सकता।मामला क्यों रहा चर्चित?फिरोज पप्पू हत्याकांड बलरामपुर जिले के सबसे चर्चित राजनीतिक और आपराधिक मामलों में रहा है। पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी और दामाद के नाम सामने आने के बाद मामला प्रदेश स्तर पर भी चर्चा में रहा। हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था और बाद में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। अब एमपी-एमएलए कोर्ट के इस फैसले से रिजवान जहीर, जेबा रिजवान और रमीज नेमत को इस हत्याकांड में बड़ी राहत मिली है। वहीं, मामले में अन्य आरोपियों की कानूनी स्थिति और आगे की कार्रवाई अलग से देखी जाएगी